छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल Chhattisgarh Board of Secondary Education ने 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद यह फैसला लिया गया है। अब इस विषय की पुनः परीक्षा 10 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए बोर्ड ने नई तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जांच में यह सामने आया है कि वायरल हुआ प्रश्नपत्र मुख्य परीक्षा के सेट-बी से काफी हद तक मेल खाता था। गोपनीयता भंग होने की पुष्टि के बाद बोर्ड ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसे रद्द करना जरूरी था।
इस फैसले का असर सबसे ज्यादा उन छात्रों पर पड़ा है, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी और आगे की तैयारी में जुट गए थे। अब उन्हें दोबारा उसी विषय की तैयारी करनी होगी, जिससे मानसिक दबाव बढ़ गया है। खासकर JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
कई छात्र कोचिंग के लिए दूसरे शहरों में जा चुके थे, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देने के लिए वापस लौटना पड़ रहा है। इससे उनके समय और पढ़ाई दोनों पर असर पड़ रहा है। वहीं, परीक्षा दोबारा होने के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी होना तय है, जिसका सीधा असर रिजल्ट और आगामी कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
रायगढ़ जिले में इस परीक्षा के लिए पहले 109 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन अब हाई स्कूलों को परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया गया है और केवल 100 केंद्रों पर ही परीक्षा आयोजित की जाएगी। केंद्राध्यक्ष पहले की तरह ही रहेंगे और गोपनीय सामग्री का वितरण सख्त निगरानी में किया जाएगा।
यह घटना साल 2006 की याद दिलाती है, जब 12वीं हिंदी का पेपर लीक हुआ था और परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करना पड़ा था। करीब 19 साल बाद भी ऐसी घटनाएं सामने आना परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल साइबर टीम लीक के स्रोत की जांच कर रही है और विभाग ने इस बार कड़े सुरक्षा इंतजाम करने का दावा किया है।

