बिलासपुर में बर्ड फ्लू के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन और केंद्र सरकार की टीम पूरी तरह सतर्क है। केंद्रीय टीम लगातार तीन दिनों से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा ले रही है।
बुधवार को टीम ने विभिन्न इलाकों में पहुंचकर संक्रमण की स्थिति, रोकथाम के उपायों और मानव स्वास्थ्य पर इसके संभावित प्रभाव का विस्तृत निरीक्षण किया। 8 अप्रैल को टीम वेटनरी कॉलेज भी पहुंची, जहां संक्रमण के बाद 1895 मुर्गियों को दफनाया गया था। यहां सैनिटाइजेशन और डिसइंफेक्शन की व्यवस्था की गहन जांच की गई।
इसके बाद टीम कोनी के देवनगर सहित आसपास के गांवों में पहुंची, जहां ग्रामीणों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। लोगों को सतर्क रहने और किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मामलों को नजरअंदाज न किया जाए। लक्षण मिलने पर तुरंत सैंपल लेकर जरूरत पड़ने पर आरटी-पीसीआर जांच कराई जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सैनिटाइजेशन जारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
केंद्रीय टीम अपने निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर और केंद्र सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिसमें चिकन और अंडों की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय भी शामिल हो सकता है।
प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है। विशेषज्ञों की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है और उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे के फैसले लिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है और जल्द राहत मिल सकती है।

