छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुरुद्वारे में कीर्तन करने वाले एक रागी ने AI तकनीक का दुरुपयोग कर महिला और उसकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोपी ने डर का माहौल बनाकर अब तक करीब 20 लाख रुपये वसूल लिए और बाद में 20 करोड़ रुपये की मांग करने लगा।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान मनिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर का रहने वाला बताया जा रहा है। वह स्थानीय गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन सिखाने के बहाने कारोबारी परिवार के संपर्क में आया और धीरे-धीरे महिला और उसकी 18 वर्षीय बेटी से नजदीकी बढ़ा ली।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में आरोपी ने परिवार से छोटे-छोटे कर्ज के रूप में पैसे लेना शुरू किया। बाद में जब परिवार ने पैसे देने से इनकार किया, तो उसने महिला को बदनाम करने की धमकी देना शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने AI के जरिए अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
आरोप है कि आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप में भी महिला के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए। डर के चलते परिवार ने किस्तों में करीब 20 लाख रुपये उसे दे दिए। लगातार धमकियों से परेशान होकर परिवार 16 मार्च 2026 की रात अपना घर छोड़कर रायपुर में अपने रिश्तेदारों के पास चला गया।
इसके बावजूद आरोपी का दबाव कम नहीं हुआ। पीड़िता के अनुसार, वह बार-बार फोन कर जान से मारने की धमकी देता था। एक बार वह रायपुर के तेलीबांधा स्थित घर पर तलवार लेकर पहुंच गया और परिवार को डराया-धमकाया। उस दौरान परिवार ने जान बचाने के लिए उसे 2 लाख रुपये दिए।

समय के साथ आरोपी की मांग बढ़ती गई और उसने 20 करोड़ रुपये तक की मांग कर दी। मानसिक रूप से परेशान परिवार ने अंततः हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज इस मामले को बाद में बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद गुरुद्वारा कमेटी ने आरोपी को पद से हटा दिया है। फिलहाल वह अमृतसर भाग गया है और वहीं से पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

