छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में काले हिरण और जनगणना को लेकर दिए गए बयानों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है।

रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि काले हिरण के शिकार के आरोपियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का मेलजोल रहता है, लेकिन वहीं संरक्षण की बात भी की जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे लोगों के साथ समय बिताते हैं और फिर वन्यजीव संरक्षण पर चर्चा करते हैं।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही काले हिरण और अन्य वन्यजीवों का संरक्षण किया जा रहा है, और यहां उनकी संख्या मौजूद है। उन्होंने प्रधानमंत्री की यात्राओं और फोटो सेशन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले भी राज्य में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां चलती रही हैं।
जनगणना 2027 को लेकर प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि यह प्रक्रिया पहले से ही लंबित है और इसके समय पर पूरा न होने पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि SIR जैसी प्रक्रियाएं तो हो सकती हैं, लेकिन सरकार की मंशा पर संदेह बना रहता है।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में काले हिरण के संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा था कि मध्य भारत में वन्यजीवों की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र में काले हिरणों की संख्या फिर से बढ़ रही है, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि बारनवापारा और बिलासपुर क्षेत्र में काले हिरणों के पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। 2017 में स्थानीय रूप से विलुप्त माने जाने के बाद इन्हें दिल्ली और बिलासपुर से लाकर पुनर्स्थापित किया गया। लगातार निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण इनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने देशवासियों से जनगणना 2027 में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

