Badrinath: धाम में तेजी से पिघल रही बर्फ, एक अप्रैल से शुरू होंगी यात्रा की तैयारियां, टीम ने किया निरीक्षण

​बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रा की तैयारियों के लिए गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और नगर पंचायत की टीमों ने धाम का दौरा किया और पाया कि अधिकांश क्षेत्र में बर्फ तेजी से पिघल रही है। मंदिर परिसर में कुछ स्थानों पर अभी भी लगभग तीन फीट बर्फ जमी हुई है। सौभाग्य से, बर्फबारी से मंदिर समिति की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। यात्रा की तैयारियाँ एक अप्रैल से शुरू होंगी।​

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल और नगर पंचायत बद्रीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बद्रीनाथ धाम का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर सिंहद्वार परिसर, बस टर्मिनल स्थित स्वागत कार्यालय, समिति के विश्रामगृहों, दर्शन पथ, तप्तकुंड परिसर और अलकनंदा घाट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मंदिर वेटिंग लाइन में लगभग 130 मीटर तक टिन शेड हिमस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है, और मंदिर की सीढ़ियों व तप्तकुंड के आसपास भी कुछ टूट-फूट हुई है। थपलियाल ने इन संरचनाओं की मरम्मत और सुधारात्मक कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।​

नगर पंचायत की परिसंपत्तियों को बर्फबारी से कोई नुकसान नहीं हुआ है। एक अप्रैल को नगर पंचायत की टीम बद्रीनाथ धाम में पथ प्रकाश व्यवस्था, क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत और अन्य यात्रा सुविधाओं की व्यवस्था शुरू करेगी।​

इस बीच, बद्रीनाथ हाईवे पर कंचनगंगा के समीप एक चट्टान का हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि हाईवे को जल्द ही वाहनों के लिए सुचारु कर दिया जाएगा।​

बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 4 मई को खुलने वाले हैं, और यात्रा की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। ​

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