कोलकाता। पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए राज्य संचालित बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा सोमवार से लागू कर दी गई है। सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत महिला यात्रियों को बसों में बिना किराया दिए सफर करने की अनुमति दी जा रही है।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपनी पहचान और पश्चिम बंगाल की निवासी होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी एक वैध फोटो पहचान पत्र को साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
मान्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन पहचान पत्र, सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों के सेवा पहचान पत्र और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा जारी पहचान पत्र शामिल हैं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बस कंडक्टर महिलाओं को पहचान पत्र दिखाने पर शून्य किराए का टिकट जारी कर रहे हैं। यह सुविधा राज्य की छोटी और लंबी दूरी की सभी सरकारी बस सेवाओं में उपलब्ध है। परिवहन विभाग ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बस कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया है।
सरकार ने बताया कि शुरुआती चरण में पहचान पत्र के आधार पर यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद पात्र महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से क्यूआर कोड युक्त स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। आवेदन संबंधित बीडीओ या एसडीओ कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। स्मार्ट कार्ड मिलने तक महिलाएं मान्य पहचान पत्रों के जरिए इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।
इस फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा नेताओं ने इसे चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं, कई महिला यात्रियों का कहना है कि मुफ्त यात्रा सुविधा से उनके दैनिक खर्च में कमी आएगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

