कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत के बाद फैली अफवाहों पर जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि चमगादड़ों की मौत किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से नहीं बल्कि भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के कारण हुई है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत पाली के नौकोनिया तालाब के पास पिछले कुछ दिनों में करीब 200 प्रवासी चमगादड़ों की मौत हुई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें फैलने लगी थीं, जिसके बाद प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया।
पशुधन विकास विभाग की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक तापमान को मौत का मुख्य कारण बताया गया है। विभाग ने साफ किया कि किसी भी प्रकार के संक्रमण या अज्ञात वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुधन विकास विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। सभी मृत चमगादड़ों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत दफनाया गया और जांच के लिए नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब चमगादड़ों की मृत्यु दर में कमी आई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। साथ ही यदि किसी वन्यजीव की असामान्य गतिविधि या मौत दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

