बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट, 13 पंप ड्राई; कई जगह 40-50 लीटर की लिमिट तय

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर और आउटर इलाकों में करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि कई जगह ईंधन की भारी कमी देखने को मिल रही है।

सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर पड़ा है, वहीं बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है।

बिलासपुर-कोरबा रूट के उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू जैसे इलाकों में कई पंपों से लोग बिना ईंधन लिए लौटने को मजबूर हैं। कई जगह “नो स्टॉक” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण हालात और बिगड़ गए।

जिन पंपों में थोड़ा बहुत स्टॉक बचा है, वहां भी अब सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई जगह बाइक चालकों को केवल 200 रुपए तक और कार चालकों को 1000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है। वहीं कुछ पंपों पर 40 से 50 लीटर की सीमा तय कर दी गई है।

स्थिति को देखते हुए लोगों में घबराहट भी देखने को मिल रही है और कई वाहन चालक पहले ही अपनी टंकियां फुल करवा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी पंप संचालकों ने बिक्री पर रोक लगाकर सीमित मात्रा में ही ईंधन देना शुरू कर दिया है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में अभी करीब पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है। फूड कंट्रोलर के अनुसार, 9 पंपों का भुगतान हो चुका है और वहां सप्लाई जल्द बहाल होगी।

वहीं कलेक्टर ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है ताकि सप्लाई व्यवस्था को ठीक किया जा सके। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का दावा है कि एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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