छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस समय बिहार दिवस को लेकर जोरदार बहस छिड़ी हुई है। शनिवार को भिलाई में बीजेपी ने प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन की मौजूदगी में बिहार दिवस का आयोजन किया, जिस पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।

कांग्रेस ने बताया चुनावी पाखंड
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस आयोजन को बीजेपी की “चाटुकारिता” और “चुनावी लाभ” का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि जब 2003 से 2018 तक और फिर पिछले साल तक बीजेपी की सरकार रही, तब छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाने की याद क्यों नहीं आई? अब जबकि बिहार में चुनाव नजदीक हैं, तो बीजेपी यहां रहने वाले बिहारियों को प्रभावित करने के लिए यह पाखंड कर रही है।
बिहारियों को अपमानित किया और अब कर रहे सम्मान का ढोंग
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि हाल ही में आधी रात को 2500 से ज्यादा लोगों को छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में बैठाया गया था, जिनमें से अधिकतर बिहार के थे। उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किया गया, लेकिन अब चुनावी फायदे के लिए बीजेपी को उनकी याद आ रही है।
नितिन नबीन के रवैये पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नितिन नबीन ने कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान को स्वीकार नहीं करता, उसी के सम्मान में आज बिहार दिवस मनाया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण के लिए हरेली, तीजा-पोरा, गोवर्धन पूजा, विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश की परंपरा शुरू की थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने इसे कमजोर किया।
क्या बीजेपी राजस्थान दिवस भी मनाएगी?
कांग्रेस ने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर बिहार दिवस मनाया जा सकता है, तो क्या इसी महीने आने वाले राजस्थान दिवस का भी छत्तीसगढ़ में आयोजन होगा? कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से कोई लगाव नहीं है और वह केवल अपनी राजनीति चमकाने में लगी हुई है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गीत “अरपा पैरी के धार” का सरकारी आयोजनों में गायन बंद करा दिया और यहां की संस्कृति व परंपराओं का अनादर किया। उन्होंने बीजेपी पर बोरे बासी जैसे छत्तीसगढ़ी खानपान का मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया।
राजनीति गरमाने के आसार
बिहार दिवस के आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीति अभी और गरमाने की संभावना है। बीजेपी ने अभी इस पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरती रहेगी।
