रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लोकसभा में एम्स रायपुर की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर जवाब मांगा।

6 महीने में 2546 मरीज रेफर, 150 बिस्तरों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक को मंजूरी

लोकसभा में सांसद के सवाल पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि एम्स रायपुर में 33 विभागों में कुल 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, मई 2024 से सितंबर 2024 तक 6 महीनों में 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। मंत्री ने कहा कि मरीजों का रेफरल चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।

मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

एम्स प्रशासन पर गंभीर आरोप

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिस्तर उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, और कई बार आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है।

एम्स डायरेक्टर की कार्यशैली पर सवाल

सांसद अग्रवाल ने एम्स रायपुर के डायरेक्टर अशोक जिंदल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्होंने या उनके कार्यालय से एम्स प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, डायरेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया और कहा कि यह जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए उठाए जाएंगे कदम

सांसद अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।

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