छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच जमकर बहस और नोकझोंक देखने को मिली।

बैठक की शुरुआत से पहले ही विवाद की स्थिति बन गई, जब विपक्षी पार्षदों ने शहर में बढ़ते जल संकट के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हालांकि सभापति ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे एजेंडे में शामिल नहीं किया जाएगा।
यह विशेष सभा महिला सशक्तिकरण से जुड़े जनजागरूकता अभियान के तहत बुलाई गई थी, लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भाजपा पार्षदों ने सभा से पहले कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “कांग्रेस शर्म करो” के नारे लगाए और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया।
विरोध स्वरूप महापौर और भाजपा पार्षद काले कपड़े पहनकर बैठक में पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। सभा में दोनों पक्षों के सभी पार्षद उपस्थित रहे और हंगामे के बीच बैठक की कार्यवाही जारी रही। स्थिति को देखते हुए नगर निगम परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
पिछली बैठक का संदर्भ:
इससे पहले 9 अप्रैल को हुई सामान्य सभा में 14 एजेंडों पर चर्चा की गई थी। उस बैठक में सिटी कोतवाली चौक का नाम बदलकर “जैन स्तंभ” रखने के प्रस्ताव पर तीखी बहस हुई थी, जिसे बाद में विपक्ष के विरोध के चलते निरस्त कर दिया गया था। अन्य प्रस्ताव बहुमत से पारित हुए थे, जबकि दुकानों के व्यवस्थापन से जुड़े मुद्दे पर शासन से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया गया था।

