आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 3 कोर्स अनिवार्य, पूरा न करने पर अप्रैल वेतन पर रोक

राज्य सरकार ने मिशन कर्मयोगी के तहत विकसित आई-गॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह एआई आधारित ऑनलाइन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना, कौशल विकसित करना और उन्हें नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

अब सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एआई से जुड़े कोर्स सहित कम से कम तीन कोर्स पूरे करना अनिवार्य कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 से इन कोर्सों को एपीएआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) से भी जोड़ा जाएगा। विशेष रूप से अप्रैल महीने का वेतन प्राप्त करने के लिए तीनों कोर्स पूरे करना जरूरी होगा।

डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) वेतन जारी करने से पहले कर्मचारियों के कोर्स पूर्ण होने के प्रमाण पत्र की जांच करेंगे, उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 100 से अधिक कोर्स उपलब्ध हैं।

कर्मचारी परिचय पोर्टल या ईएचआरएमएस पोर्टल के ‘ट्रेनिंग के अवसर’ सेक्शन के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें अपनी प्रोफाइल में पदनाम, विभाग, एनआईसी ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी अपडेट करनी होगी। सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन और पूर्ण किए गए कोर्स का विवरण ई-ऑफिस के माध्यम से भेजना होगा।

प्रशिक्षण को तीन तरीकों से संचालित किया जाएगा—इंडक्शन प्रोग्राम, मिड-करियर लर्निंग और सेल्फ लर्निंग। प्रत्येक कोर्स के अंत में परीक्षा होगी और सफल उम्मीदवारों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इन प्रमाण पत्रों का प्रभाव पदोन्नति और अन्य लाभों पर भी पड़ेगा।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने कर्मचारियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ें और उनकी ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें।

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