छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कैंप बंद नहीं होंगे, बल्कि इन्हें पूरी तरह विकास और प्रशासनिक केंद्र के रूप में बदला जाएगा।
गृह मंत्री ने बताया कि नक्सल ऑपरेशन में लगी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की वापसी तुरंत शुरू हो जाएगी और राज्य की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ पुलिस संभालेगी।
उन्होंने यह भी साफ किया कि 31 मार्च बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की अंतिम तारीख है और इसमें कोई विस्तार नहीं होगा।
सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला पुलिस कैंपों को लेकर है। अब तक खूनी संघर्ष का गवाह रहे ये कैंप भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाओं के केंद्र में बदल दिए जाएंगे।
इस योजना के तहत हर कैंप में अस्पताल और विकास केंद्र खोले जाएंगे, ताकि क्षेत्र में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को तेजी से बढ़ाया जा सके।

