बिलासपुर में भू-माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 95 साल के मृतक को 46 साल का दिखाकर जमीन हड़पी

बिलासपुर में जमीन हड़पने के लिए हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 95 वर्षीय मृत बुजुर्ग को रिकॉर्ड में 46 वर्षीय जीवित व्यक्ति बना दिया गया और उसकी जाति भी बदल दी गई। इस जालसाजी के जरिए शहर की एक कीमती खाली जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।

मामले का खुलासा तब हुआ जब जमीन से जुड़े लोगों ने राजस्व विभाग से जानकारी ली। रिकॉर्ड में जमीन कौशल प्रसाद सूर्यवंशी नाम के व्यक्ति के नाम दर्ज मिली, जिसने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए रमेश पांडेय को जमीन बेच दी थी। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति को फर्जी तरीके से 46 वर्ष का दर्शाकर नए दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन अपने नाम कर ली गई।

शिकायत मिलने पर एसडीएम मनीष साहू ने मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में कूटरचना और फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की पुष्टि हुई है। मामले को पुनरीक्षण में लेकर तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एक-दो नहीं बल्कि दर्जन भर शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर या जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की गई है। एक अन्य मामले में शांति नगर के निवासी अनिल तिवारी की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे के नाम कर दी गई और बाद में उसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।

इसी तरह तोरवा क्षेत्र में एक दंपति को मृत दिखाकर उनकी जमीन का नामांतरण कराया गया और फिर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। बाद में मामला सामने आने पर इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

प्रशासन को आशंका है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। भू-माफिया गिरोह पहले ऐसी जमीनों की पहचान करते हैं, जिन पर लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ हो या जिनका कोई स्पष्ट वारिस न हो। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन अपने कब्जे में ले लेते हैं।

सरकंडा, तोरवा, सकरी और सिरगिट्टी जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Scroll to Top