छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार शाम एक पिकअप वाहन में दही और अन्य दुग्ध उत्पादों के डिब्बों पर ब्रांड का लेबल बदलते हुए लोगों ने पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी गई।
मामले की जांच दो दिनों तक चली, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर करीब 2 लाख 3 हजार रुपये मूल्य के दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए हैं।
चक्रधर नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले से एक संदिग्ध पिकअप वाहन के जरिए रायगढ़ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी मात्रा में दुग्ध उत्पाद बेचे जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि उत्पादों के मूल लेबल से छेड़छाड़ कर दूसरे ब्रांड के रैपर चिपकाए जा रहे थे।
पिकअप वाहन में दही और कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 और 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जार और पैकेटों में भरे हुए थे। पुलिस ने वाहन को थाने लाकर खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये उत्पाद कस्तूरी डेयरी, केलोविहार, रायगढ़ की प्रोपराइटर सोनिया जायसवाल द्वारा बिक्री के लिए मंगाए गए थे। यह सामग्री वैद्य फूड्स, शंकर नगर, भिलाई (दुर्ग) से लाई गई थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि नंदनम क्लासिक दही, जिसे कृष्णा नंदन मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर द्वारा निर्मित किया जाता है, उसके मूल लेबल हटाकर उस पर वैद्य फूड्स का रैपर चिपकाया जा रहा था। इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और लेबलिंग नियम 2020 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरी डेयरी परिसर पहुंचकर तीन खाद्य नमूने लिए। इनमें नंदनम क्लासिक दही और वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग के दो अलग-अलग पैक शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।
गुणवत्ता को लेकर संदेह और नियमों का पालन न होने के चलते मौके पर रखे गए बड़ी मात्रा में दुग्ध उत्पाद जब्त कर लिए गए। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित बाजार मूल्य 2 लाख 3 हजार 750 रुपये बताया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान 515 किलोग्राम दही और 770 किलोग्राम कॉटेज एनालॉग दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

