दिनांक 15 जनवरी 2026, गुरुवार, शाम 5:00 बजे,
देवांगन (कोस्टा) समाज की कुलदेवी माँ परमेश्वरी जी की नई प्रतिमा का भव्य आगमन बिरगांव में होने जा रहा है।
छत्तीसगढ़ का देवांगन (कोस्टा) समाज एक संगठित, परिश्रमी और जागरूक समाज है, जो परंपरागत रूप से वस्त्र उद्योग (बुनकर) एवं व्यापार-व्यवसाय से जुड़ा रहा है।
यह समाज दहेज प्रथा, नशामुक्ति, शिक्षा और सामाजिक एकता के लिए निरंतर सक्रिय रहा है तथा माँ परमेश्वरी को अपनी इष्ट एवं कुलदेवी मानता है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित नगर निगम बिरगांव में वर्ष 1991 में कोस्टा समाज द्वारा एक छोटे मंदिर का निर्माण कर माँ परमेश्वरी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिससे इस क्षेत्र में आस्था की नींव पड़ी।
लगभग 35 वर्षों के पश्चात, अब देवांगन (कोस्टा) समाज के सहयोग से करीब 75 लाख रुपये की लागत से भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
माँ परमेश्वरी की संगमरमर से निर्मित दिव्य प्रतिमा राजस्थान के जयपुर से लाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,11,000 बताई जा रही है।

6 गाँवों से मिलकर बने नगर निगम बिरगांव में देवांगन समाज की कुल जनसंख्या 35,000 से अधिक है।
अब वह पावन क्षण निकट है, जब माँ परमेश्वरी जी बिरगांव के हृदय स्थल बुधवारी बाजार स्थित अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगी।
बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर, देवांगन (कोस्टा) समाज द्वारा तीन दिवसीय “परमेश्वरी महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज के लोग आस्था, श्रद्धा और एकता के साथ भाग लेंगे।
माँ परमेश्वरी के आगमन से पूरा बिरगांव भक्तिमय हो उठा है।
हर ओर जयकारे, भक्ति, विश्वास और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है।

