छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तीसरे बजट की तैयारियों को रफ्तार दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार इस बजट के जरिए विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

इसी क्रम में वित्त विभाग ने मंत्री-स्तरीय बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। 6 से 9 जनवरी तक चलने वाली इन बैठकों की अध्यक्षता वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे। इस दौरान वे अलग-अलग मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा कर उनके विभागों के बजट प्रस्तावों और प्राथमिकताओं की समीक्षा करेंगे।
पहले दिन 4 मंत्री रखेंगे विभागीय प्रस्ताव
मंगलवार को पहले दिन चार मंत्री अपने-अपने विभागों के बजट प्रस्ताव वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
📅 6 जनवरी की बैठक का कार्यक्रम
- सुबह 11 बजे: उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन
- दोपहर 12 बजे: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं ओबीसी कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
- दोपहर 2 बजे: पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल
- दोपहर 3 बजे: कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं एससी कल्याण मंत्री गुरु खुशवंत
📅 7 जनवरी का शेड्यूल
- सुबह 11 बजे: वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप
- दोपहर 12 बजे: राजस्व, स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा
- दोपहर 2.30 बजे: अजाक कल्याण, कृषि एवं मछली-पशुधन पालन मंत्री रामविचार नेताम
- शाम 4 बजे: वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्त विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लेंगे
📅 8 जनवरी की बैठक
8 जनवरी को उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण तथा नगरीय प्रशासन विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
इसके बाद दोपहर 2.30 बजे स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधि-विधायी विभागों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे।
📅 9 जनवरी का कार्यक्रम
- दोपहर 12 बजे: महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
- दोपहर 2 बजे: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आईटी विभागों के प्रस्तावों पर मंथन
सरकार का उद्देश्य इन बैठकों के माध्यम से बजट को ज़मीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को नई दिशा दी जा सके।

