छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते आचार संहिता का उल्लंघन किया और उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
🔹 बीजेपी सांसद विजय बघेल की याचिका
याचिका दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम की विधायकी समाप्त करने की मांग की।
पूर्व में भूपेश बघेल ने इस याचिका को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि याचिका की सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है।
🔹 भूपेश बघेल का पक्ष
सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की तरफ से 16 बिंदुओं के माध्यम से तर्क रखा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। उनका कहना था कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और ना ही आचार संहिता उल्लंघन का कोई ठोस सबूत पेश किया गया है।
🔹 चुनाव प्रचार में समय सीमा उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ता विजय बघेल का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने निर्धारित प्रचार समय समाप्त होने के बावजूद पाटन में प्रचार किया। इस आधार पर उन्होंने उनकी विधायकी रद्द करने की मांग की थी।
🔹 दोनों पक्षों की दलीलें और फैसला सुरक्षित
14 अक्टूबर को जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच में सुनवाई हुई।
- याचिकाकर्ता की ओर से चुनाव नियमों के उल्लंघन के दस्तावेज पेश किए गए।
- भूपेश बघेल की ओर से याचिका खारिज करने की दलील दी गई।
सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब अदालत अगली तारीख पर निर्णय सुनाएगी।

