छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार मामला: ₹7 करोड़ के टेंडू पत्ता घोटाले में पूर्व विधायक के घर छापे

छापे की कार्रवाई:
छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) ने सुकमा जिले के 12 स्थानों पर छापा मारा, जिसमें दो बार के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम का आवास भी शामिल है। यह कार्रवाई 2021-22 के टेंडू पत्ता संग्राहकों के बोनस फंड में गबन के आरोपों के संबंध में की गई है।

मुख्य जानकारी:

  • निलंबित अधिकारी: डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) अशोक कुमार पटेल को भुगतान रोकने की साजिश के आरोप में निलंबित किया गया।
  • FIR दर्ज: 8 अप्रैल को IPC 409 (जनसेवक द्वारा विश्वासघात) और 120B (षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज।
  • नकद जब्त: एक संदिग्ध से ₹26.63 लाख बरामद।

पूर्व विधायक का बचाव:

कुंजाम, जो CPI के पूर्व नेता और आदिवासी नेता हैं, ने दावा किया कि उन्हें “निशाना बनाया” जा रहा है, जबकि वह खुद इस मामले में शिकायतकर्ता हैं।

  • “मैंने ही पहली शिकायत की थी। DFO के निलंबन (10 मार्च) के बाद भी हमने लाभार्थियों को भुगतान की मांग की,” उन्होंने कहा।
  • छापे के दौरान उनके दो मोबाइल और डायरी जब्त की गई।

राजनीतिक पृष्ठभूमि:

  • कुंजाम सुकमा से दो बार विधायक रहे और फरवरी 2023 में CPI छोड़ दी थी, जब उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
  • वह CPI की आदिवासी इकाई अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

मामले की गंभीरता:

यह मामला कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जिससे आदिवासी टेंडू पत्ता संग्राहकों को नुकसान हुआ है।

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