
पिछले दो दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है, जिससे दिन और रात दोनों में असामान्य गर्मी बनी हुई थी। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में बदलाव का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, 9 से 11 अप्रैल के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ इलाकों में बारिश, गरज और तेज हवाओं की संभावना है।
आईएमडी ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में कहा, “पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 से 11 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके चलते 10 अप्रैल से मौजूदा हीटवेव की स्थिति में काफी कमी आएगी।”
पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी व पूर्वी राजस्थान, सौराष्ट्र, कच्छ और पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव या भीषण हीटवेव की स्थिति रही। दक्षिणी हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिल्ली में सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी ने अधिकतम तापमान 41°C दर्ज किया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक है। हालांकि, शुक्रवार और शनिवार को होने वाली गरज और बारिश के बाद तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। लेकिन आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 15 अप्रैल के बाद पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में फिर से हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात और महाराष्ट्र में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगले तीन दिनों में 2-4°C की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद फिर तापमान बढ़ सकता है।
आईएमडी के मानकों के अनुसार, मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक होने और सामान्य से 4.5-6.4°C ऊपर होने पर हीटवेव घोषित किया जाता है। वहीं, यदि तापमान 45°C को पार कर जाए तो हीटवेव और 47°C या उससे अधिक होने पर भीषण हीटवेव की घोषणा की जाती है।
