
दिल्ली के कई प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स में संदेश लिखा था: “राहुल गांधी जी, कृपया तेलंगाना के हमारे जंगल काटना बंद करें।” बीजेपी नेता ताजिंदर बग्गा ने हैदराबाद में हरे-भरे इलाके की कटाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाना बनाया है।
यह कदम उसके बाद उठाया गया है जब सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल को तेलंगाना के कंचा गाचीबोवली (हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटा 400 एकड़ का हरा-भरा क्षेत्र) में पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि तेलंगाना हाईकोर्ट की एक अंतरिम रिपोर्ट में वनों की अंधाधुंध कटाई की “चिंताजनक तस्वीर” सामने आई है।
कांग्रेस सरकार द्वारा इस हरे-भरे क्षेत्र में विकास कार्य शुरू करने के फैसले की व्यापक आलोचना हुई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय की जमीन से पेड़ों और वन्यजीवों को हटाने के लिए सैकड़ों बुलडोजर तैनात कर दिए थे।
बीआरएस नेता केटी रामा राव ने सवाल उठाया, “30,000 करोड़ रुपये के कंक्रीट जंगल बनाने की इतनी जल्दी क्यों? हैदराबाद का बड़ा हिस्सा पहले ही तेज शहरीकरण की भेंट चढ़ चुका है।”
छात्रों ने किया विरोध
3 अप्रैल को हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने पेड़ों की कटाई रोकने और साइट से सभी जेसीबी मशीनें हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 50 छात्रों ने भूख हड़ताल में भाग लिया, जबकि 200 से अधिक लोग कैंपस में समर्थन जताने एकत्र हुए। विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के समर्थन से शुरू हुए इस विरोध को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिया गया।
हैदराबाद विश्वविद्यालय की छात्रा अनामिका ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने विरोध और भूख हड़ताल वापस ले ली है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है।”
छात्रों ने इस फैसले को न्याय के लिए उनके संघर्ष की जीत बताया और अगले दिन कैंपस में विजय रैली आयोजित करने की घोषणा की।
