CBSE ने कक्षा 10 और 12 के लिए नया सिलेबस और ग्रेडिंग सिस्टम घोषित किया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025-2026 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए हैं। इनमें दोहरी बोर्ड परीक्षाएं, नई ग्रेडिंग प्रणाली, कौशल-आधारित विषयों की शुरुआत और व्यावहारिक शिक्षा पर जोर शामिल हैं।


मुख्य बदलाव

1. कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाएं

  • अब छात्र एक साल में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे – फरवरी और अप्रैल में।
  • इससे छात्रों को स्कोर सुधारने का दूसरा मौका मिलेगा।
  • कक्षा 12 की परीक्षाएं अभी भी साल में एक बार (फरवरी 2026 से) होंगी।

2. नई 9-पॉइंट ग्रेडिंग प्रणाली

  • पुराने 5-पॉइंट सिस्टम की जगह 9-पॉइंट ग्रेडिंग लागू की जाएगी।
  • अब छात्रों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन हो सकेगा।

3. कक्षा 10 के लिए पासिंग मानदंड

  • छात्रों को हर विषय में कम से कम 33% अंक लाने होंगे।
  • अगर कोई छात्र गणित, विज्ञान जैसे मुख्य विषय में फेल होता है, लेकिन कौशल-आधारित विषय (जैसे AI, IT) में पास हो जाता है, तो उसके अंक मुख्य विषय की जगह गिने जाएंगे

4. नए कौशल-आधारित विषय

कक्षा 10 के लिए:

  • कंप्यूटर एप्लीकेशन (कोड 165)
  • सूचना प्रौद्योगिकी (कोड 402)
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कोड 417)

कक्षा 12 के लिए (नए वैकल्पिक विषय):

  • लैंड ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएट
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर
  • फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर
  • डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन

5. कक्षा 12 अकाउंटेंसी में कैलकुलेटर की अनुमति

  • 2025-26 से, छात्र बेसिक नॉन-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर का उपयोग कर सकेंगे।

शिक्षण और मूल्यांकन में बदलाव

CBSE अब रट्टा मारकर पढ़ाई की बजाय व्यावहारिक ज्ञान पर ध्यान देगा:

✅ प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण – असली समस्याओं का समाधान।
✅ जिज्ञासा-आधारित पढ़ाई – सवाल पूछकर सीखने पर जोर।
✅ टेक्नोलॉजी का उपयोग – AI और डिजिटल टूल्स से पढ़ाई।
✅ शिक्षकों की टीमवर्क – छात्रों की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई।

नया मूल्यांकन पैटर्न

अब परीक्षाओं में इन पर फोकस होगा:
🔹 तार्किक सोच
🔹 विश्लेषण क्षमता
🔹 अवधारणाओं की समझ
🔹 व्यावहारिक उपयोग


नया सिलेबस कहाँ से देखें?

कक्षा 9 से 12 तक का अपडेटेड सिलेबस CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।

ये बदलाव क्यों?

CBSE का लक्ष्य:
✔ तनाव कम करना – दो परीक्षाओं का विकल्प।
✔ रोजगारपरक शिक्षा – नए कौशल सिखाना।
✔ आधुनिक शिक्षा – रटने की बजाय समझने पर जोर।

ये सुधार भारतीय शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

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