सूदखोरी और अवैध हथियार रखने के मामले में जेल से बाहर आने के बाद आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर ने पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी सफाई दी। राजस्थान से किए गए इस LIVE में उन्होंने पूरे मामले को साजिश बताते हुए पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल उठाए।
LIVE के दौरान तोमर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखावत के साथ दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने खुद उनके घर में दस्तावेज और हथियार रखे, ताकि उन्हें फंसाया जा सके।
तोमर ने दावा किया कि वे खारुन गंगा आरती का आयोजन करवा रहे थे, जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी और यही बात कुछ नेताओं और लोगों को पसंद नहीं आई। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर से बरामद बताए जा रहे हथियार और कागजात पूरी तरह से झूठे हैं और यह सब पहले से योजना बनाकर किया गया। उनके अनुसार, उन्हें बदनाम करने और खत्म करने की साजिश रची गई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
तोमर ने यह भी दावा किया कि जेल में रहते हुए उनकी जान को खतरा था। उन्होंने कहा कि अगर सच सामने नहीं आता तो उनकी हत्या तक हो सकती थी।
इस LIVE वीडियो के सामने आने के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
वीरेंद्र तोमर ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि हाल ही में उन्हें हत्या के एक मामले में अदालत से राहत मिली है और अब वे सूदखोरी और हथियार मामले में कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के नाम सार्वजनिक कर कानूनी कदम उठाएंगे।

