CBI की टीमों ने बघेल के आवासों के अलावा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और उनके एक करीबी सहयोगी के निवासों पर भी तलाशी ली।
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इसी मामले में 10 मार्च 2025 को बघेल के आवास पर छापेमारी की थी, जिसमें लगभग ₹30 लाख नकद जब्त किए गए थे।
बघेल ने इन छापों को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि CBI की यह कार्रवाई उनके दिल्ली दौरे से पहले हुई है, जहां उन्हें 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की बैठक के लिए गठित ‘ड्राफ्टिंग कमेटी’ की बैठक में शामिल होना था।

कांग्रेस पार्टी ने इन कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह विपक्षी नेताओं को डराने और परेशान करने का प्रयास है।
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े इस कथित घोटाले में आरोप है कि इसमें राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है और यह अवैध गतिविधियों के माध्यम से धन अर्जित करने का मामला है। CBI और ED दोनों इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
इन छापों और जांचों के बीच, राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
