साहू समाज का बड़ा फैसला: प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, तलाक रोकने पारिवारिक काउंसलिंग होगी शुरू

छत्तीसगढ़ में साहू समाज ने सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में अहम निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने प्री-वेडिंग शूट पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला समाज में बढ़ते दिखावे, अनावश्यक खर्च और बदलते संस्कारों पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है।

शनिवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से आए जिला अध्यक्षों और समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक का प्रयास

बैठक के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परंपराओं में आ रहे बदलाव और बढ़ती दिखावटी संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि लंबे विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से प्री-वेडिंग शूट को समाजहित में बंद करने का निर्णय लिया गया।

प्रदेश साहू संघ का मानना है कि साहू समाज की पहचान सादगी, संस्कार और सामाजिक सौहार्द से रही है, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति समाज की परंपरागत जड़ों को कमजोर कर रही है। इस निर्णय के जरिए समाज को अपनी मूल संस्कृति की ओर लौटाने का प्रयास किया जा रहा है।

तलाक के मामलों पर चिंता, फैमिली काउंसलिंग की पहल

बैठक में समाज के भीतर बढ़ते तलाक के मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। इस पर निर्णय लिया गया कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने और रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए फैमिली काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करना और दांपत्य जीवन में संतुलन बनाए रखना है।

सामाजिक अनुशासन और एकता पर जोर

प्रदेश स्तरीय बैठक में सामाजिक एकता, अनुशासन और संस्कार विकास को सशक्त करने के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया कि जो परंपराएं समाज को कमजोर करती हैं, उन्हें आगे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संघ ने समाज के सभी सदस्यों से इन निर्णयों का पालन करने और समाजहित में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

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