सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में गश्त पर निकले दो वनकर्मी उस समय खतरे में आ गए, जब अचानक एक बाघ उनके सामने आ गया और झपट पड़ा। दोनों वनकर्मी मोटरसाइकिल छोड़कर भागे और कुछ दूरी पर जाकर रुके, जिससे उनकी जान बच गई।
कैसे हुआ सामना
घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे ROPT रेंज के सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र में हुई। वनकर्मी निरंजन और होमगार्ड जितेंद्र शर्मा बाइक से गश्त कर रहे थे। एक चढ़ाई वाले मोड़ पर बाघ पहले से बैठा था। जैसे ही बाइक वहां पहुंची, दोनों आमने-सामने आ गए। बाघ गुर्राया तो वनकर्मी तुरंत भागकर लगभग 15 मीटर दूर जाकर रुक गए और डंडों के सहारे सतर्क खड़े रहे।
करीब 10 मिनट तक बाघ बाइक के पास ही रहा, जिससे दोनों की सांसें थमी रहीं। बाद में वह पहाड़ी की ओर चला गया।
बाइक पर उतारा गुस्सा
वनकर्मियों के हटने के बाद बाघ बाइक के पास आया और उसे पंजों व जबड़े से दबाकर घसीटने लगा। उसने बाइक की सीट फाड़ दी और कई बार हमला भी किया।
टूरिस्ट जिप्सी ने बचाया
घटना के कुछ ही मिनट बाद टूरिस्ट जिप्सी वहां पहुंची, जिसने वनकर्मियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
पहले भी हो चुके हैं हमले
- मई 2025 में जोन-3 में बाघ ने रेंजर देवेंद्र चौधरी पर हमला कर उनकी जान ले ली थी
- अप्रैल 2025 में एक 7 वर्षीय बच्चे को भी बाघ ने मार डाला था
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट में कुछ बाघ अत्यधिक आक्रामक व्यवहार दिखाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में गश्त के लिए दोपहिया वाहन की बजाय चारपहिया वाहन उपलब्ध कराना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

