राजस्थान में बिजली महंगी होने की आशंका, डिस्कॉम ने SERC के सामने पेश की टैरिफ याचिका

प्रमुख बदलाव और प्रभाव:

  • बिजली दरों में वृद्धि: न्यूनतम दर ₹4.75 से बढ़कर ₹6 प्रति यूनिट हो सकती है
  • नया अधिभार: ₹1 प्रति यूनिट का रेगुलेटरी अधिभार लगाया जाएगा, जिससे डिस्कॉम को ₹53,000 करोड़ की बकाया राशि वसूलने में मदद मिलेगी
  • समय-आधारित टैरिफ (ToD) का विस्तार: 10 kW से अधिक लोड वाले घरेलू/वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (कृषि को छोड़कर) पर लागू होगा

उपभोक्ताओं पर प्रभाव:
घरेलू उपभोक्ता:

  • स्लैब सरलीकरण: 50-150 यूनिट की खपत पर ₹6/यूनिट की एकल दर
  • निर्धारित शुल्क घटेगा (अधिकतम ₹250 से ₹150), लेकिन ऊर्जा शुल्क बढ़ेगा
  • 1.04 करोड़ सब्सिडी प्राप्त उपभोक्ताओं (कुल का 77%) को कम प्रभाव पड़ेगा

उद्योगों के लिए बड़े बदलाव:

  • बड़े उद्योगों (>50% लोड फैक्टर) को मिलने वाली ₹1/यूनिट की छूट समाप्त
  • नए उद्योगों की छूट ₹0.55-0.85 से घटकर ₹0.20-0.30/यूनिट होगी
  • छोटे/मध्यम/बड़े उद्योगों के लिए एकीकृत दरें

कृषि उपभोक्ता:

  • प्रस्तावित दर ₹5.55 से घटकर ₹5.25/यूनिट

पीक आवर्स प्राइसिंग:
10 kW से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए:

  • 10% अधिभार: सुबह 6-10 बजे व शाम 6-10 बजे (पीक आवर्स)
  • 10% छूट: दोपहर 12-4 बजे (ऑफ-पीक)
  • 5% अधिभार: सुबह 6-8 बजे

आगे की प्रक्रिया:
SERC ने जनता से आपत्तियां/सुझाव आमंत्रित किए हैं। डिस्कॉम का दावा है कि यह बदलाव अंततः अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि:

  1. पहली बार ऊर्जा शुल्क में कमी का प्रस्ताव
  2. सरलीकृत स्लैब संरचना
  3. BPL/आस्था कार्डधारकों को सब्सिडी जारी

यह प्रस्ताव डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति सुधारने और समय-आधारित टैरिफ के माध्यम से बिजली की खपत को नियंत्रित करने का प्रयास है। वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है।

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