छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में तेलीबांधा से टाटीबंध चौक तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे National Highway 130 पर नो-पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह कमजोर दिखाई दे रही है। रात के समय सड़क किनारे और कई जगहों पर मुख्य मार्ग पर भी भारी ट्रक और ट्रेलर खड़े मिलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि अधिकांश ट्रकों में इंडिकेटर या कोई चेतावनी संकेत नहीं होता, जिससे देर रात गुजरने वाले वाहन चालकों को खड़े वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता। हाल ही में ऐसे ही हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 621 लोगों की मौत हुई थी। देर रात निरीक्षण के दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक ट्रकों की कतारें खड़ी मिलीं, जबकि यह पूरा इलाका नो-पार्किंग जोन घोषित है।
इस मामले में Vivek Shukla ने कहा कि अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ट्रकों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय और ढाबे मौजूद हैं। यहां लोडिंग-अनलोडिंग और ड्राइवरों के रुकने के कारण ट्रक सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। कई निजी पार्किंग मौजूद होने के बावजूद पार्किंग शुल्क बचाने के लिए वाहन चालकों द्वारा सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं।
रायपुर-बिलासपुर हाईवे चार लेन का मार्ग है, लेकिन दोनों तरफ भारी वाहनों की पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। इससे ओवरटेकिंग मुश्किल हो जाती है और थोड़ी देर में जाम जैसी स्थिति बन जाती है।

रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक खड़े ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते। कई वाहनों में लोहे की लंबी छड़ और भारी सामान लोड रहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क पर घूमते मवेशी भी स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं।
National Highways Authority of India द्वारा हाईवे के रखरखाव और सुरक्षा सुधार के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में हजारों स्थानों पर सड़क मरम्मत और पैनल बदलने का काम किया गया था। इसके अलावा कई जगहों पर क्रैश बैरियर, सोलर लाइट, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
हादसों को रोकने के लिए पिछले साल 11 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी कराया गया। इसके बावजूद सड़क पर अवैध पार्किंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं।
हाल ही में Amanaka Police Station में दर्ज एक मामले में बताया गया कि टाटीबंध के पास बिना संकेतक खड़े ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकरा गया, जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
इसी तरह Dharsiwa Police Station क्षेत्र में चरौदा गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने के बाद एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ा था।

