रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली और संदिग्ध गतिविधियों का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की उड़नदस्ता टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। जांच में पाया गया कि पार्किंग के लिए कोई वैध टेंडर जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद यहां शुल्क वसूला जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि पार्किंग का संचालन भले ही नगर निगम के पास है, लेकिन वसूली निजी लोगों द्वारा की जा रही थी। मौके पर बिना सीरियल नंबर और बिना सील की पर्चियों के जरिए पैसे वसूले जा रहे थे। कुछ मामलों में क्यूआर कोड के माध्यम से निजी खातों में भुगतान लिया जा रहा था, जिसकी जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान टीम को कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले। इनमें पूर्व ठेकेदार मोहम्मद शोएब के नाम पर मासिक पास से जुड़े कागजात और एक आर्म्स लाइसेंस मिला, जिस पर किसी प्रकार की आधिकारिक मुहर नहीं थी। पुलिस ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
मामले में लापरवाही सामने आने पर निगम के चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यहां पार्किंग निशुल्क थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जबरन शुल्क वसूला जा रहा है। कई बार विरोध करने पर बहस की स्थिति भी बन जाती है।
बताया जा रहा है कि यह पार्किंग पहले भी विवादों में रह चुकी है, जहां अवैध गतिविधियों और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालिया कार्रवाई के बाद पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

