​छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दुखद घटना में, 17 वर्षीय अविनाश कुमार, जो 11वीं कक्षा का छात्र था, हसदेव बांयी तट नहर में डूब गया।

​छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दुखद घटना में, 17 वर्षीय अविनाश कुमार, जो 11वीं कक्षा का छात्र था, हसदेव बांयी तट नहर में डूब गया। यह घटना गुरुवार को हुई जब अविनाश अपने चार दोस्तों के साथ परसाभांठा क्षेत्र से कोहड़िया स्थित नहर में स्नान करने गया था।​

अविनाश को तैरना नहीं आता था, लेकिन दोस्तों के कहने पर उसने नहर में छलांग लगाई। तेज बहाव के कारण वह संतुलन नहीं बना सका और बह गया। उसके साथी उसे बचाने में असमर्थ रहे। घटना की सूचना मिलने पर, स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिली।​

शुक्रवार को, अविनाश के परिजनों और स्थानीय लोगों ने परसाभांठा चौक पर चक्काजाम किया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा। शनिवार सुबह, अविनाश के पिता प्रेम बहादुर और उनके साथियों ने नहर में तैरता हुआ शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच जारी है

यह घटना नहरों में स्नान के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के खतरों को उजागर करती है। हसदेव दांयी और बांयी तट नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है, जिससे पानी का प्रवाह तेज होता है। हर साल, कई लोग, विशेषकर युवा, नहर में स्नान करते समय हादसों का शिकार होते हैं। जल संसाधन विभाग को इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जैसे खतरनाक क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक लगाना और स्थानीय समुदाय को जागरूक करना।​

अविनाश की असामयिक मृत्यु से उसके परिवार और समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। यह घटना एक चेतावनी है कि जल निकायों के पास सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो तैरना नहीं जानते।

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