
छत्तीसगढ़ सरकार ने नई आबकारी नीति 2025-26 के तहत राज्य में 67 नई शराब दुकानों के संचालन की अनुमति दी है, जिससे कुल शराब दुकानों की संख्या बढ़कर 741 हो जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है, जिससे सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
नई नीति के तहत, प्रीमियम शराब दुकानों के संचालन की भी अनुमति दी गई है, जो बड़े मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, देसी शराब में मिलावट रोकने के लिए सीलबंद पेटियों में आपूर्ति की जाएगी और बोतलों में बारकोड भी लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन कदमों से अवैध शराब बिक्री पर नियंत्रण लगेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे।
नई आबकारी नीति में यह भी प्रावधान है कि आवश्यकतानुसार शराब दुकानों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित जिला कलेक्टर के प्रस्ताव पर आबकारी आयुक्त के माध्यम से राज्य शासन की अनुमति प्राप्त करनी होगी। इससे मदिरा विहीन क्षेत्रों में अवैध मदिरा की बिक्री पर नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि नई आबकारी नीति के तहत, राज्य में संचालित कुल 674 शराब दुकानों के अलावा 10 प्रतिशत यानी 67 नई देशी-विदेशी शराब दुकानें खोली जाएंगी। इन नई दुकानों के खुलने से राज्य के राजस्व में लगभग 1000 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना है।
इन सभी उपायों का उद्देश्य राज्य में शराब बिक्री को सुव्यवस्थित करना, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
