नए साल से पहले रायपुर में सूखे नशे का कारोबार तेज, 100 रुपये में खुलेआम बिक रहा गांजा

नए साल के जश्न से पहले रायपुर में सूखे नशे की मांग तेजी से बढ़ गई है। शहर में बड़ी मात्रा में गांजे की सप्लाई पहुंची है, जिसकी पुष्टि हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई से भी हुई है। पड़ताल में सामने आया है कि राजधानी के कई इलाकों में बिना किसी डर के सूखे नशे की खरीद-फरोख्त जारी है। इस अवैध कारोबार के मुख्य ग्राहक 16 से 28 वर्ष की उम्र के युवा हैं।

रायपुर के पॉश इलाकों से लेकर बस्तियों के अंदर तक गांजा आसानी से उपलब्ध है। साइंस कॉलेज क्षेत्र से हटाई गई चौपाटी को एक महीने पहले आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट किया गया था, लेकिन यह इलाका अब शहर में सूखे नशे का हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां 100 रुपये की छोटी-छोटी पुड़ियों में गांजा बेचा जा रहा है।

महिलाओं के जरिए बिक्री, पीछे से अपराधियों का कंट्रोल

सूखे नशे के इस नेटवर्क में सामने महिलाओं को विक्रेता के तौर पर खड़ा किया गया है, जबकि पीछे से पूरा खेल दूसरे लोग नियंत्रित कर रहे हैं। ये लोग खुलकर सामने नहीं आते, लेकिन हाथों में रॉड और पाइप लेकर आसपास मंडराते रहते हैं। कुछ के कपड़ों के भीतर धारदार हथियार भी छिपे रहते हैं। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में ये तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।

आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शाम 7 बजे का नजारा

आमानाका ओवरब्रिज के पास शाम के वक्त माहौल संदिग्ध नजर आया। यहां एक युवक ने चेतावनी दी कि सीधे पहुंचने पर पहचान हो सकती है और हमला भी हो सकता है। उसने सलाह दी कि महंगी चीजें वहीं छोड़ दी जाएं और पहचान छिपाकर ही अंदर जाया जाए।

सरस्वती नगर थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर नई चौपाटी इलाके में खानाबदोशों का डेरा है। यहां कुछ लोग हाथों में पाइप और रॉड लेकर लगातार गश्त करते दिखे। शुरुआत में यह समझ पाना मुश्किल था कि नशा कौन बेच रहा है, लेकिन कुछ देर इंतजार करने पर पूरी तस्वीर साफ हो गई।

स्कूटी और कारों से पहुंचे ग्राहक, मिनटों में सौदा

स्कूटी से पहुंचे एक युवक-युवती ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की और तुरंत सामान लेकर रवाना हो गए। इसके बाद कारों से आए लोग भी तेजी से पहुंचे, महिला से पुड़िया ली और तुरंत निकल गए। इसी दौरान 100 रुपये में गांजे की पुड़िया खरीदी गई, जिसके बाद मौके से हटना पड़ा।

कुकरबेड़ा बस्ती में भी सक्रिय है नशे का अड्डा

सूत्रों के मुताबिक यह अकेला ठिकाना नहीं है। कुकरबेड़ा बस्ती के भीतर भी इसी तरह गांजा बेचा जा रहा है। रात करीब 8 बजे बस्ती के अंदर आग तापते लोगों का एक समूह दिखा। इशारे के बाद 100 रुपये लिए गए और एक युवती ने पुड़िया थमा दी।

एक ओर सख्ती की बैठक, दूसरी ओर खुलेआम कारोबार

इसी दौरान सिविल लाइन में IG अमरेश मिश्रा और SSP डॉ. लाल उमेद सिंह जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

हालांकि जिन दो जगहों पर यह अवैध कारोबार चल रहा है, वहां की जानकारी पुलिस को पहले से होने की बात स्थानीय लोगों का कहना है। करीब छह महीने पहले शिकायत भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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