छत्तीसगढ़ के Bilaspur में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकंडा थाने का घेराव किया। यह हंगामा हिंदूवादी नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने के विरोध में किया गया। राम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी।
सोशल मीडिया विवाद
राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें देशद्रोही बताया। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समाज के लोग नाराज हो गए और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अंततः राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी।
गिरफ्तारी देने का ऐलान और हंगामा
राम सिंह ने हिंदू नववर्ष के एक दिन पहले, बुधवार को, सरकंडा थाने में स्वयं अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर उन्होंने हिंदू संगठनों और सनातनियों को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक राम सिंह के साथ थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
पुलिस ने रखा कड़ा इंतजाम
पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संभावित हिंसा को देखते हुए थाने परिसर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। अधिकारी समझाइश और नियंत्रण के जरिए स्थिति को शांत कराने में सफल रहे।
पूरा मामला
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई थी। इस खबर के बाद बिलासपुर में राम सिंह ने सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी की और जश्न मनाते हुए मिठाई बांटी। इसी घटना को लेकर FIR दर्ज की गई और अब मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।

