​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है।

​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है। संकर का आरोप है कि धिव्या ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए, जिनमें मारपीट और बलात्कार शामिल हैं, जिन्हें सिंगापुर की पुलिस ने जांच के बाद निराधार पाया। उनका यह भी दावा है कि धिव्या ने उनके नौ वर्षीय बेटे को अमेरिका ले जाकर अपहरण किया, जिसके चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाल अपहरण का मामला दर्ज कराया। अमेरिकी अदालत ने उनके पक्ष में निर्णय दिया, जिसके परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ, जिसमें संयुक्त अभिरक्षा और वित्तीय सहायता की शर्तें तय की गईं।​

संकर का कहना है कि धिव्या ने बाद में इस समझौते का पालन नहीं किया, जिससे और कानूनी विवाद उत्पन्न हुए। वे चेन्नई पुलिस पर उत्पीड़न और ₹25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हैं, यह राशि उनके मित्र गोकुल की रिहाई के लिए मांगी गई थी, जिन्हें बिना किसी औपचारिक आरोप के हिरासत में लिया गया था।

दूसरी ओर, धिव्या इन आरोपों को खारिज करते हुए संकर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाती हैं, जिसमें महिलाओं की गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना शामिल है, जिसके कारण कथित तौर पर सिंगापुर में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। वह यह भी दावा करती हैं कि संकर ने वैवाहिक संपत्तियों को कर चोरी के उद्देश्य से स्थानांतरित किया और चिंता व्यक्त करती हैं कि वह उनके बेटे का अपहरण कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास बच्चे का पासपोर्ट है।​

चेन्नई पुलिस ने संकर के उत्पीड़न और रिश्वत के आरोपों को खारिज किया है, यह कहते हुए कि वे धिव्या की शिकायत के आधार पर एक वैध जांच कर रहे हैं।​

यह मामला हाई-प्रोफाइल तलाक और कस्टडी विवादों में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं और गंभीर आरोपों को उजागर करता है, जिसमें दुर्व्यवहार, अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में कानूनी विवाद, और पुलिस भ्रष्टाचार के दावे शामिल हैं।

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