रायपुर के गुढ़ियारी स्थित हमर अस्पताल में एक्सपायरी और कम अवधि वाली दवाइयों की सप्लाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता Vikas Upadhyay ने अस्पताल और CGMSC वेयरहाउस का निरीक्षण करने के बाद दावा किया कि वहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां मिली हैं। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज कराने और प्रदेशभर में जांच की मांग की है।

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं जिनकी एक्सपायरी डेट नजदीक है या जो उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है और यदि पूरे प्रदेश में जांच की जाए तो कई और मामले सामने आ सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जिन दवाइयों पर सवाल उठ रहे हैं उनमें नवजात शिशुओं और बच्चों को दी जाने वाली दवाइयां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कम अवधि या एक्सपायरी दवाओं का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले CGMSC के जरिए सप्लाई की गई कैल्शियम दवाओं, मेडिकल किट, दस्ताने, सिरिंज और अन्य सर्जिकल सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ चुके हैं।

कांग्रेस ने सरकार और दवा सप्लाई एजेंसियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर दिए जा रहे हैं। विकास उपाध्याय ने दावा किया कि कुछ कंपनियों में भाजपा नेताओं और उनके परिजनों की भूमिका होने के कारण कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि इस मामले पर सरकार या CGMSC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कांग्रेस ने राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही है।

