छत्तीसगढ़ के Durg जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती सामने आने के बाद प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच मामले की शिकायत करने वाले सरपंच ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कहा है कि उन्हें जान का खतरा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है।

पुलिस से सुरक्षा की मांग
सरपंच ने चौकी जेवरा-सिरसा और थाना पुलगांव में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ अवैध अफीम की खेती की जानकारी पुलिस और सतर्कता विभाग को दी थी। जांच के बाद खेत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल जब्त की और आरोपी विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
संदिग्ध लोगों की आवाजाही से बढ़ी चिंता
सरपंच अरुण गौतम का कहना है कि शिकायत के बाद से वे लगातार डर के माहौल में हैं। उनके अनुसार 7 मार्च की रात कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध तरीके से घूमते दिखाई दिए, जो स्थानीय निवासी नहीं थे। वे उनके घर के आसपास और गलियों में घूम रहे थे, जिससे उन्हें किसी साजिश की आशंका हो रही है।

जनदर्शन में भी उठाया मुद्दा
सरपंच ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में भी शिकायत पत्र देकर गांव में अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रशासन ने हटवाया रास्ते का बैरियर
उधर प्रशासन ने गांव से शिवनाथ नदी तक जाने वाले रास्ते पर लगाया गया लोहे का बैरियर हटवा दिया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरआई व पटवारी की मौजूदगी में रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया।
बताया गया कि रास्ते के आगे के हिस्से में मछली पालन के कारण बैरियर लगाया गया था, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब बैरियर हटने के बाद गांव के लोग आसानी से नदी तक आ-जा सकेंगे।

