शादी का वादा कर बनाए संबंध हर मामले में रेप नहीं: हाईकोर्ट ने 20 साल बाद आरोपी को किया बरी

Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि कोई महिला बालिग है और उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बने हैं, तो हर मामले में इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता, भले ही संबंध शादी के वादे के आधार पर बने हों। अदालत ने इसी आधार पर करीब 20 साल पुराने मामले में आरोपी युवक को राहत देते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया।

लोअर कोर्ट का फैसला निरस्त

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एन.के. व्यास ने सत्र न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी ठहराने के आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया। इसके साथ ही दुष्कर्म के आरोप में सजा पाए युवक को दोषमुक्त कर दिया गया।

क्या था पूरा मामला

घटना Surguja district के धौरपुर थाना क्षेत्र की है। वर्ष 2000 में एक युवती 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान लीना राम ध्रुव नामक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

युवती का आरोप था कि युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और यह संबंध लगभग तीन साल तक जारी रहा। बाद में युवक ने शादी से इंकार कर दिया और कहीं चला गया।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस

युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के बाद अंबिकापुर की सत्र अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 7 साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।

हाईकोर्ट में दी गई चुनौती

सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में यह साबित नहीं हो पाया कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का झूठा वादा कर केवल शारीरिक संबंध बनाने की मंशा रखी थी।

अदालत की टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि महिला बालिग है और उसे संबंधों के परिणाम की समझ है, तो ऐसे मामलों में सहमति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए हर परिस्थिति में शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

करीब 20 साल बाद मिला फैसला

इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी वर्ष 2004 में हुई थी और 2005 में ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब लगभग दो दशक बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।

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