रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के विज़न को मजबूती देगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाएगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रश्नकाल में जल संसाधन विभाग पर चर्चा
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जल संसाधन विभाग के किन-किन कार्यों को बजट में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जवाब में बताया कि वर्ष 2024-25 में 16 कार्य शामिल थे, जिनमें से एक कार्य को 13 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली। पाइपलाइन से जुड़े कार्य को पूरा कर लिया गया है, जिस पर 24.51 करोड़ रुपये खर्च हुए। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े 15 अन्य कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष कार्यों की समय-सीमा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा।
मोबाइल टावर स्थापना पर उठा सवाल
विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर जिले में भवनों की उपयुक्तता जांच के बिना मोबाइल टावर लगाए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बिना परीक्षण के टावर लगाए गए हैं तो लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल टावर स्थापना के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के “राइट ऑफ वे” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाती है।
सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता
भाजपा विधायक सुनील सोनी के प्रश्न के जवाब में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बीते एक वर्ष में प्रदेश में 6,898 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है। इनमें से 621 मौतें रायपुर जिले में दर्ज की गईं। मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुधारने और यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
सदन में सवाल-जवाब के इस दौर के बीच अब सभी की निगाहें बजट के विस्तृत प्रावधानों और घोषणाओं पर टिकी हैं, जिससे प्रदेश के विभिन्न वर्गों को बड़ी उम्मीदें हैं।

