भिलाई: नौकरी की तलाश में ऑनलाइन कंपनी से जुड़े दो इंजीनियरिंग पास युवक, फर्जीवाड़े के केस में यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के भिलाई में रहने वाले दो सगे भाई नौकरी के चक्कर में फर्जी कंपनी के झांसे में आ गए। परिवार के मुताबिक, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब दोनों को रोजगार नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन जॉब जॉइन कर ली। अब यूपी पुलिस ने उन्हें ठगी और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट मामले में हिरासत में ले लिया है।

पिता शिवशंकर शाह का कहना है कि उन्होंने 36 साल तक अंडे की दुकान चलाकर बच्चों को इंजीनियर बनाया, इसके लिए 10 लाख रुपये तक का लोन लिया। मगर अब उनके बेटे शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) जेल में हैं, जबकि जिस अरेबियन कंपनी पर मामला दर्ज है, उसका नाम उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था।


भिलाई से उठाकर ले गई यूपी पुलिस

11 सितंबर की रात भिलाई कैंप-1 सुभाष चौक से चार से ज्यादा लोग अचानक पहुंचे और दोनों भाइयों को गाड़ी में बिठाकर ले गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और छावनी थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अगले दिन स्पष्ट हुआ कि दोनों को यूपी पुलिस ने अंबेडकर नगर ज़िले के सुल्तानपुर राजे थाने में दर्ज केस में पकड़ा है।

मिली जानकारी के अनुसार, यूपी में विदेश भेजने और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट तैयार कराने के आरोप में FIR दर्ज है। FIR कंपनी के खिलाफ हुई है, लेकिन यूपी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर शुभम और विष्णु को भी अज्ञात आरोपी मानकर गिरफ्तार किया है।


फर्जी कंपनी में HR हेड बने थे विष्णु

परिवार का कहना है कि बड़ा बेटा विष्णु “बी फॉर एफ माइक्रो फाइनेंस” नामक कंपनी से जुड़ा था। उसे छत्तीसगढ़ का HR हेड बनाया गया था। उसका काम केवल मोबाइल पर इंटरव्यू लेकर रिपोर्ट भेजना था, पैसों का लेन-देन उसके पास नहीं था। 5 महीने काम करने के बाद भी उसे सिर्फ एक बार 25 हजार रुपए मिले, तीन महीने की सैलरी आज तक नहीं मिली।

पिता ने बताया कि कंपनी ने पहले गाजियाबाद बुलाया था, फिर घर से काम करने को कहा। ऑफिस खोलने की बात भी हुई, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह संभव नहीं हो पाया।


परिवार पर संकट, शादी पर भी खतरा

विष्णु की फरवरी में शादी तय है, सगाई हो चुकी है। पिता को डर है कि जेल जाने से बेटों का भविष्य और शादी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि दोनों बेटे ठगी के आरोपी नहीं हैं, बल्कि फर्जी कंपनी के शिकार हुए हैं।


दुर्ग पुलिस बोली- जांच यूपी में

दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज है और वहीं की पुलिस जांच कर रही है। आगे का फैसला यूपी की अदालत ही करेगी।

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