​बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नाम बदलकर ‘गुरु घासीदास धाम’ रखने की मांग सतनामी समाज द्वारा की गई है।

​बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नाम बदलकर ‘गुरु घासीदास धाम’ रखने की मांग सतनामी समाज द्वारा की गई है। उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस परिवर्तन की अपील की है। इसके जवाब में, सरकार ने जिला प्रशासन से इस विषय पर राय मांगी है।​

गिरौदपुरी, जो बलौदाबाजार जिले में स्थित है, गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि है। यह सतनाम पंथ के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। पूर्व में, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गिरौदपुरी का नाम बदलकर ‘बाबा गुरु घासीदास धाम गिरौदपुरी’ करने का निर्देश दिया था। ​

नाम परिवर्तन की इस मांग के पीछे उद्देश्य जिले को राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में स्थापित करना है, जिससे गुरु घासीदास बाबा की शिक्षाओं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिल सके। हालांकि, इस विषय पर विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद भी उभर रहे हैं। उदाहरण के लिए, रायपुर में सतनामी समाज के सदस्यों ने गिरौदपुरी का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया और बलौदाबाजार जिले का नाम बदलने की मांग की। ​

वर्तमान में, राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और जिला प्रशासन से प्राप्त राय के आधार पर निर्णय लेगी। यदि यह परिवर्तन स्वीकृत होता है, तो यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को और मजबूत करेगा।

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