रायपुर। सोना और चांदी की कीमतों में लगातार आ रहे तेज उतार-चढ़ाव ने रायपुर के सराफा बाजार को अस्थिर कर दिया है। जहां एक ओर निवेशक इस गिरावट-बढ़त को मुनाफे का मौका मान रहे हैं, वहीं शादी-विवाह के सीजन में आम खरीदारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
सराफा व्यापारियों के मुताबिक, भाव में रोजाना हो रहे बड़े बदलाव की वजह से रिटेल खरीदारी प्रभावित हुई है। मौजूदा हालात में बाजार का कारोबार सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत तक सिमट गया है। हालांकि निवेशक और स्टॉकिस्ट बाजार में सक्रिय बने हुए हैं।

25 साल में पहली बार देखी ऐसी अस्थिरता
पिछले 25 वर्षों से सराफा कारोबार से जुड़े व्यापारी मोहित जैन ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में सोने-चांदी की कीमतों में ऐसी अस्थिरता पहली बार देखी है। पहले महीने भर में करीब 2 हजार रुपए का अंतर देखने को मिलता था, लेकिन अब रोजाना भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे ग्राहक असमंजस में हैं।
गिरावट का फायदा उठा रहे निवेशक
रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के अनुसार, बाजार में इस समय निवेशक और ज्वेलरी खरीदने वाले दोनों तरह के ग्राहक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, लेकिन शुक्रवार को सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट का निवेशकों ने फायदा उठाया।
रेट में संशोधन के बाद यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफा वसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण देखने को मिली है।

गोल्ड-सिल्वर मार्केट में बड़ा क्रैश
30 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर प्रॉफिट बुकिंग के चलते चांदी करीब ₹1.10 लाख (27%) गिर गई। अब MCX पर चांदी ₹2.91 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि 29 जनवरी को इसका भाव ₹4.01 लाख प्रति किलो था।
वहीं MCX पर सोने में करीब ₹20 हजार (12%) की गिरावट आई। 10 ग्राम सोना ₹1.49 लाख पर आ गया, जो एक दिन पहले ₹1.69 लाख था।
गिरावट की मुख्य वजहें
- प्रॉफिट बुकिंग: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूला।
- फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल टाइम हाई के बाद ज्वेलरी और औद्योगिक मांग कमजोर हुई।
सराफा बाजार में भी सस्ता हुआ सोना-चांदी
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सराफा बाजार में चांदी ₹40,638 और सोना ₹9,545 सस्ता हुआ है।
अब 1 किलो चांदी ₹3,39,350 और 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,65,795 पर आ गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सराफा बाजार शाम 5 बजे बंद हो जाता है, जबकि वायदा बाजार रात 12 बजे तक चलता है। इसी वजह से फिजिकल बाजार में गिरावट अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई।
बाजार का मिला-जुला असर
सराफा कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव से आम ग्राहक खरीदारी को लेकर दुविधा में है, जबकि निवेशक इसे अवसर के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी।

