राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों के आठ जिलों में शीतलहर का असर बना रहेगा।
राजधानी रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल मैनपाट में तापमान 1.8 डिग्री तक गिर गया। अंबिकापुर में पारा 3.3 डिग्री, पेंड्रा में 7.6 डिग्री, दुर्ग और राजनांदगांव में 8 डिग्री तथा जगदलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री (जगदलपुर) और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री (अंबिकापुर) रहा। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

❄️ ठंड के कारण स्कूल बंद
कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन दो पालियों में चलने वाले स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब पहली पाली सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक संचालित होगी।

⚠️ ठंड से जान का खतरा
अंबिकापुर के श्रीगढ़ इलाके में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। कम कपड़ों में खुले में सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए। यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर को बस स्टैंड में सो रहे एक व्यक्ति की भी मौत हो चुकी है।

🏥 बच्चों की सेहत पर असर
तेज ठंड का असर बच्चों पर भी साफ दिख रहा है। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे उन्हें NICU और SNCU तक में भर्ती कराना पड़ रहा है।
🤒 अस्पतालों की OPD में बढ़ी भीड़
ठंड के चलते वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ है।
🧊 क्या है हाइपोथर्मिया?
हाइपोथर्मिया एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति घातक साबित हो सकती है।

🔥 नगर निगम ने जलवाए अलाव
शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। मेयर मीनल चौबे और निगम कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है।
🦟 बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में अधिक और रात में कम तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। अगले कुछ दिनों में ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरदानी के उपयोग, पानी जमा न होने देने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है।

🛡️ ठंड से बचाव के उपाय
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन-C युक्त आहार, अदरक-तुलसी की चाय और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम व वायरल संक्रमण से बचाव होता है।

