31 मार्च की डेडलाइन… 30 नक्सली ढेर, 500 जवानों ने सात घंटे तक ऐसे चलाया ये मुश्किल ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर जिलों में 20 मार्च 2025 को सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 22 नक्सली मारे गए। इस ऑपरेशन में बीजापुर जिले में 18 और कांकेर जिले में 4 नक्सलियों को ढेर किया गया, जबकि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान शहीद हो गया। ​

बीजापुर जिले में मुठभेड़:

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित अंड्री के जंगलों में सुबह 7 बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। यह क्षेत्र नक्सलियों के कोर इलाकों में से एक माना जाता है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के बड़े कैडर्स को घेर लिया, जिससे मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए। दुर्भाग्यवश, इस कार्रवाई में डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया। ​

कांकेर जिले में मुठभेड़:

कांकेर और नारायणपुर जिलों की सीमा पर स्थित जंगलों में, डीआरजी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी। इस दौरान सुबह मुठभेड़ हुई, जिसमें 4 नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल से स्वचालित हथियार और अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई। ​

केंद्रीय गृह मंत्री की प्रतिक्रिया:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध कठोर रुख अपना रही है और आत्मसमर्पण न करने वाले नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त होने वाला है। ​

नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति:

इस वर्ष अब तक, सुरक्षाबलों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई सफल अभियानों को अंजाम दिया है। इन अभियानों में बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। सरकार की नक्सल विरोधी नीति और सुरक्षाबलों की सतर्कता के परिणामस्वरूप, नक्सल गतिविधियों में कमी देखी जा रही है।​

सुरक्षाबलों की भूमिका:

सुरक्षाबलों, विशेषकर डीआरजी और बीएसएफ के जवानों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी जान की परवाह किए बिना अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उनकी बहादुरी और समर्पण के कारण ही नक्सलियों के खिलाफ यह महत्वपूर्ण सफलता संभव हो पाई है। शहीद जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।​

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास:

सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि इन क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें और नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो सकें। साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे वे समाज में पुनः स्थापित हो सकें।​

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