​महाराष्ट्र के पुणे में हाल ही में एक दर्दनाक घटना सामने आई है

​महाराष्ट्र के पुणे में हाल ही में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मिनीबस में आग लगने से चार कर्मचारियों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह घटना पुणे के हिंजवड़ी इलाके में बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जब Vyoma Graphics कंपनी के कर्मचारी बस से अपने कार्यालय जा रहे थे।​

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह आग दुर्घटनावश नहीं, बल्कि बस चालक जनार्दन हंबारडेकर (52) द्वारा जानबूझकर लगाई गई थी। हंबारडेकर, जो 2006 से कंपनी में कार्यरत थे, वेतन कटौती, दिवाली बोनस न मिलने और कुछ कर्मचारियों के साथ लगातार विवादों के कारण नाराज थे। इन सबके चलते उन्होंने यह खतरनाक कदम उठाया। ​

पुलिस के अनुसार, हंबारडेकर ने घटना से एक दिन पहले बस में बेंजीन जैसी ज्वलनशील पदार्थ छुपाकर रखा था और टोनर सफाई के लिए उपयोग किए जाने वाले कपड़े भी बस में रखे थे। घटना के दिन, बस हिंजवड़ी फेज 1 के एक वन-वे हिस्से में पहुंची, तब उन्होंने इन कपड़ों में आग लगा दी और बस से कूदकर अपनी जान बचाई। बस बिना चालक के लगभग 200 मीटर तक चली और फिर एक पेड़ से टकरा गई। ​

इस भयावह घटना में जिन चार कर्मचारियों की मौत हुई, वे हैं:​

  • शंकर शिंदे (63)​
  • राजन चव्हाण (42)​
  • गुरुदास लोकारे (45)​
  • सुभाष भोसले (44)​

ये सभी पुणे के निवासी थे और कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्यरत थे, जैसे सुपरवाइजर, प्रिंटिंग मशीन ऑपरेटर, कूरियर और पेपर कटिंग ऑपरेटर। ​

हंबारडेकर को मामूली चोटें आई हैं और वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ​

यह घटना कार्यस्थल पर कर्मचारियों की मानसिक स्थिति और समस्याओं को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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