​जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हाल ही में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि दो आतंकवादी मारे गए।

​जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हाल ही में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि दो आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ कठुआ जिले के सुफियान क्षेत्र के जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के एक समूह को घेर लिया था। मुठभेड़ के दौरान, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, बलविंदर सिंह चिब, जसवंत सिंह और तारिक अहमद ने वीरगति प्राप्त की।

सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के पास से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामान शामिल थे। मारे गए आतंकवादी प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े थे।

इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, एनएसजी, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मुठभेड़ के दौरान, डीएसपी धीरज सिंह कटोच समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। ​

शहीद हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए गुलशन ग्राउंड में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक (जम्मू क्षेत्र) भीम सेन टूटी, और नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के अधिकारी शामिल हुए। ​

इस मुठभेड़ के बाद, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सीमा पार की साजिशों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान से रची गई साजिशें हमारे बच्चों को मार रही हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवाद छोड़ने का आग्रह किया और जोर दिया कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता

कठुआ में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर से क्षेत्र में आतंकवाद के खतरे को उजागर किया है और सुरक्षाबलों की सतर्कता और बलिदान को सामने लाया है। यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षाकर्मी अपने प्राणों की आहुति देने से पीछे नहीं हटते।

Scroll to Top