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जनगणना 2027: 16 अप्रैल से मकानों की गिनती शुरू, ऑनलाइन फॉर्म की भी सुविधा

देश में होने वाली जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 16 अप्रैल से होगी। इस चरण में मकानों की गिनती के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मकान कच्चा है या पक्का और घर में मौजूद प्रमुख सामानों का भी विवरण लिया जाएगा। इस बार जनगणना में लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी गई है। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग खुद पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिन में घर पर नहीं रहते और सर्वे टीम के आने पर अक्सर घर बंद मिलता है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान कई बार घर बंद मिलने पर “डोर लॉक” एंट्री कर दी जाती है, जिससे सही जानकारी दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में ऑनलाइन फॉर्म भरना सबसे आसान और बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है और फॉर्म जमा करने के बाद 11 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलती है। जब प्रगणक घर आएंगे तो सिर्फ यह आईडी दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। जनगणना के इस चरण में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति जहां रहता है, उसे उसी मकान की जानकारी देनी होगी। यदि किसी के पास एक से अधिक मकान हैं, तो केवल उसी घर का विवरण देना होगा जहां वह वर्तमान में रह रहा है। बाकी मकानों में रहने वाले किरायेदार अपनी जानकारी अलग से देंगे। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी वहीं की जानकारी दर्ज करनी होगी जहां वे रह रहे हैं। सरकार के अनुसार, यह डेटा भविष्य की योजनाओं जैसे पानी, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। गलत या अधूरी जानकारी देने से किसी क्षेत्र को जरूरी संसाधन मिलने में दिक्कत आ सकती है। अगर कोई परिवार फॉर्म नहीं भरता और घर बंद मिलता है, तो अधूरी जानकारी दर्ज होने की संभावना रहती है, जिसे बाद में सुधारना मुश्किल हो सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे समय रहते सही जानकारी दर्ज करें। ऑनलाइन स्व-गणना के लिए लोगों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर लॉगिन करना होगा, जहां परिवार का रजिस्ट्रेशन, लोकेशन मार्क करना और घर से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाली आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है। 30 अप्रैल के बाद, 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जिन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भर दिया होगा, उनसे आईडी लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि बाकी लोगों से सीधे जानकारी ली जाएगी। इस कार्य के लिए प्रदेशभर में करीब 53 हजार प्रगणक तैनात किए जाएंगे और पहले चरण की प्रक्रिया लगभग एक महीने तक चलेगी।

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कांग्रेस की मांग: बस्तर के हर गांव को मिले 1 करोड़, सरकार से वादा निभाने की अपील

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बस्तर के विकास को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि सरकार अपने वादे के मुताबिक हर ग्राम पंचायत को तुरंत 1 करोड़ रुपए की राशि जारी करे। पार्टी का कहना है कि सरकार ने पहले घोषणा की थी कि जो गांव नक्सल मुक्त होंगे, उन्हें यह आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब जब सरकार खुद प्रदेश को नक्सल मुक्त बताने का दावा कर रही है, तो इस घोषणा को जमीन पर उतारना जरूरी है। कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस फैसले से बस्तर के गांवों में विकास को गति मिलेगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार से बस्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग भी की है, ताकि क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। पार्टी ने यह भी कहा कि वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे बस्तर के लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। इसके साथ ही युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े। कांग्रेस ने NMDC Limited का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की मांग उठाते हुए कहा कि यहां से निकलने वाले लौह अयस्क से कंपनी को बड़ा लाभ होता है, लेकिन उसका मुख्यालय हैदराबाद में है। पार्टी का मानना है कि अब बस्तर में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो चुकी हैं, ऐसे में मुख्यालय यहां शिफ्ट किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने बस्तर के लोगों में बढ़ रही उस चिंता का भी जिक्र किया, जिसमें खनिज संपदा और जंगलों के निजीकरण का डर जताया जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से साफ तौर पर आश्वासन देने की मांग की है कि क्षेत्र के संसाधनों को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी। रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि दल्लीराजहरा से जगदलपुर तक रेल लाइन परियोजना में लगातार देरी हो रही है। इस परियोजना को 2021 तक पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका, जिससे बस्तर के लोगों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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गर्मी में कारें बन रहीं ‘आग का गोला’: रायपुर में 6+ हादसे, एक्सपर्ट ने बताए कारण और बचाव

रायपुर में बढ़ती गर्मी के साथ कारों में आग लगने की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। पिछले एक महीने में 6 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चलती और खड़ी दोनों तरह की गाड़ियां अचानक आग की चपेट में आ गईं। राहत की बात यह है कि इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हाल के प्रमुख हादसे क्या है आग लगने की वजह? ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में कार के अंदर का तापमान 60°C तक पहुंच सकता है। इससे इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम पर दबाव बढ़ता है।मुख्य कारण: एक्सपर्ट की चेतावनी स्थानीय ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर मामलों में लापरवाही ही इन घटनाओं की जड़ है। छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं को नजरअंदाज करना बड़े हादसे में बदल सकता है। कैसे करें बचाव? पुरानी गाड़ियों को लेकर नियम सरकार के नियमों के अनुसार: CNG और इलेक्ट्रिक कार पर क्या खतरा ज्यादा? अगर CNG किट गलत तरीके से लगाई गई हो या मेंटेनेंस सही न हो, तो खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अधिकृत सर्विस सेंटर से नियमित जांच कराई जाए तो CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने का जोखिम काफी कम रहता है। गर्मियों में थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान बन सकती है। समय पर मेंटेनेंस और सावधानी ही आपकी और आपके वाहन की सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।

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RTE में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, छुट्टी के दिन सुनवाई; बिलासपुर की बदहाली पर भी कड़ा रुख

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। एक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई और राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। RTE में हजारों आवेदन लंबित सुनवाई में सामने आया कि कुल 38,438 आवेदनों में से सिर्फ 23,766 का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं। कोर्ट ने माना कि नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लॉटरी प्रक्रिया पर संकट कोर्ट ने कहा कि 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रस्तावित स्कूल आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है। बिलासपुर की बदहाल व्यवस्था पर भी सख्ती बिलासपुर में गंदगी और अधूरी नाली निर्माण को लेकर भी हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। एक खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अधूरी नाली और टूटी पाइपलाइन से परेशानी मामला सिरगिट्टी क्षेत्र के वार्ड 12 (बन्नाक मोहल्ला) का है, जहां करीब डेढ़ महीने से नाली निर्माण अधूरा पड़ा है। 10 फीट गहरी खुदाई के बाद काम रोक दिया गया, जिससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और जल आपूर्ति बाधित हो गई। बीमारी का खतरा बढ़ा इलाके में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताया। एक हफ्ते में काम पूरा करने के निर्देश हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा करने, पाइपलाइन दुरुस्त करने, जल आपूर्ति बहाल करने और पूरे क्षेत्र में सफाई व सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करने को कहा है। अगली सुनवाई RTE मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी, जबकि बिलासपुर की सफाई और निर्माण कार्य से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को तय की गई है, जिसमें प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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रायपुर-बिलासपुर में बारिश से राहत, आंधी-तूफान का अलर्ट; कोंडागांव में आकाशीय बिजली से 5 मवेशियों की मौत

रायपुर और बिलासपुर में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। मौसम के बदले मिजाज के बीच गरज-चमक के साथ तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इसी बीच कोंडागांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 5 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से आने वाले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल दिन के तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है।

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रायपुर रेल सेक्शन में सिग्नलिंग कार्य: कई ट्रेनें रद्द और आंशिक रूप से प्रभावित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम जारी है, जिसके चलते रायपुर–उरकुरा–मांढर सेक्शन में आज कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस तकनीकी कार्य के कारण कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से चलाया जाएगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, कुल 9 मेमू ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन पूरी तरह रद्द रहेंगी। वहीं 4 ट्रेनें अपने निर्धारित रूट के कुछ हिस्से में ही संचालित होंगी। यानी ये ट्रेनें पूरे मार्ग पर नहीं चलेंगी, बल्कि कुछ स्टेशनों तक सीमित रहेंगी या बीच के स्टेशन से शुरू/समाप्त होंगी। पूरी तरह रद्द रहने वाली ट्रेनें: आंशिक रूप से चलने वाली ट्रेनें: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा पर खेद जताया है और कहा है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवा के लिए जरूरी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें।

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अंबिकापुर में महिला के साथ दरिंदगी: दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या, शरीर पर गंभीर चोटों के निशान

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक बेहद भयावह और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपी ने महिला को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी 12 पसलियां टूट गईं और दिल व फेफड़े तक क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा सिर की तीन हड्डियां भी टूट गईं और गला दबाने के भी संकेत मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, महिला के सीने पर भारी दबाव डाला गया था, जिससे अंदरूनी अंग फट गए। शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है, जबकि अंतिम पुष्टि के लिए विसरा जांच जारी है। यह वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र में महामाया प्रवेश द्वार के पास रिंग रोड किनारे स्थित एक झोपड़ीनुमा मटन दुकान के पास हुई, जहां शुक्रवार सुबह महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि महिला के साथ घटना से पहले वह एक व्यक्ति के साथ देखी गई थी। CCTV फुटेज में दोनों रात करीब 1 बजे घटनास्थल की ओर जाते नजर आए। आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई है, जिसकी तलाश जारी है। महिला की उम्र लगभग 45 वर्ष थी और करीब 10 साल पहले उसके पति की मृत्यु हो चुकी थी। वह अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थी। उसका एक बेटा भी है, जो उससे अलग रहता था। बताया जा रहा है कि महिला और आरोपी के बीच संबंध थे और दोनों नशे के आदी थे। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की है कि हत्या से पहले महिला के साथ अत्याचार किया गया। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश देखने को मिल रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद शर्मनाक घटना बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। वहीं, महिला कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। 11 मीटर लंबी सफेद साड़ी पर लोगों से हस्ताक्षर करवाकर इसे राष्ट्रपति को भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।

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बिलासपुर में रेलवे नौकरी के नाम पर 15 लाख की ठगी, मां-बेटी भेजी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर

बिलासपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी एन वेंकट सूर्यप्रताप ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला और उसकी बेटी ने पैसे ऐंठे। आरोप है कि विशाखापट्टनम की तेनिटी इंद्राणी और उनकी बेटी वलिवेती वेंकट नागा कीर्ति ने ई-मेल के जरिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा और राजनीतिक कोटे में नियुक्ति दिलाने का दावा किया। शुरुआत में 4 लाख रुपए की राशि ली गई, इसके बाद अलग-अलग बहानों से और रकम वसूली गई। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और एनईएफटी के जरिए कुल 15 लाख रुपए 18 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ले लिए। जब नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे। तोरवा पुलिस ने शिकायत पर महिला और उसकी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बिलासपुर में सुधीर व्यास की भजन संध्या पर झूमे भक्त, ‘ये चमक ये दमक’ ने बनाया माहौल भक्तिमय

बिलासपुर में हनुमान जन्मोत्सव के दूसरे दिन प्रसिद्ध भजन गायक पंडित सुधीर व्यास की भजन संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने “ये चमक ये दमक, फूलवन सा महक” भजन प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम में भक्तिमय माहौल बना रहा और लोग उनके मधुर भजनों पर थिरकते रहे। सरकंडा के रामसेतु चौक स्थित श्री हनुमान सेवा समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव में पहले दिन विशेष पूजा-आराधना और महाआरती की गई थी। पूरे दिन भंडारा-प्रसाद का वितरण जारी रहा। शाम को निर्माणाधीन रिवर व्यू रोड पर भजन गायिका अलका चंद्राकर का जगराता हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। दूसरे दिन पंडित सुधीर व्यास ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “ये चमक ये दमक फूलवन मा महक”, “वो राम नाम मतवाला है मां अंजनी का लाला है” और “मेरी जिंदगी में क्या था तेरी कृपा के पहले” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों का आनंद लिया। कार्यक्रम में पंडित सुधीर व्यास ने हरे कृष्ण मूवमेंट के आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ कराया और राम नाम का जाप कर भक्तों को भावनात्मक अनुभव से जोड़ दिया।

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बिलासपुर रेलवे जोन: कोयला परिवहन में देश में नंबर वन, माल लदान और यात्री सेवाओं में कीर्तिमान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान और राजस्व अर्जन के मामले में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। जोन के जीएम तरुण प्रकाश के अनुसार इस अवधि में कुल 261.25 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जिससे 32 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। माल लदान में पिछले साल की तुलना में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो संभवतः भारतीय रेलवे में सबसे अधिक है। विशेष रूप से कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए बिलासपुर जोन ने देश में पहला स्थान हासिल किया, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में यात्री ट्रेनों की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके जरिए कुल 8.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग सहित 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य जारी है। पहले चरण में 47 में से 17 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है और दिसंबर तक सभी फेज-1 के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में 125 किलोमीटर नई लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा किया गया। साथ ही 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण हुआ, जबकि 34 लेवल क्रॉसिंग गेट बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया गया। रेलवे सुरक्षा और संचालन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसमें वैगनों की निगरानी, लोको पायलट्स के प्रदर्शन की निगरानी और फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस साल यात्रियों की संख्या में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 35,469 और पैसेंजर ट्रेनों की संख्या 50,407 रही। 4 नई ट्रेन सेवाएं शुरू हुईं, 7 ट्रेनों का विस्तार किया गया, और 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए ठहराव जोड़े गए। 5 आईसीएफ रेकों को आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया गया। त्योहारों के दौरान 32 आरक्षित विशेष ट्रेनों के 126 ट्रिप और 9 अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलाई गईं। भारत गौरव ट्रेनों के 84 ट्रिप संचालित किए गए। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 लिफ्ट, 12 एस्केलेटर, 12 फुट ओवर ब्रिज, 9 प्लेटफॉर्म अपग्रेड और 9 नए शौचालय बनाए गए। ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से 51,000 से अधिक शिकायतें सुलझाई गईं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 324 बच्चों को बचाया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने ₹55.61 लाख के अवैध टिकट, ₹3.31 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए और ₹1.72 करोड़ चोरी गई संपत्ति वापस लौटाई। 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई और उन्हें ₹1 करोड़ का बीमा कवर प्रदान किया गया। रेल हादसों में 45 प्रतिशत की कमी आई। 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 25 स्टेशनों पर EI मॉडिफिकेशन किया गया। ‘कवच’ प्रणाली के तहत 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में स्थापना की गई। सभी कोचों में अग्नि-निरोधक प्रणाली और 212 कोचों में एरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली लागू की गई। 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म लगाए गए और 343 किलोमीटर सुरक्षा फेंसिंग की गई। नई रेल परियोजनाओं में राव घाट से जगदलपुर नई रेल लाइन स्वीकृत हुई, जो चार जिलों से होकर गुजरेगी और बस्तर का 40 किलोमीटर क्षेत्र शामिल होगा। पिछले 10 वर्षों में 1,475 किलोमीटर लंबी 15 परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जबकि 2,790 किलोमीटर की 41 परियोजनाएँ स्वीकृत और प्रगति पर हैं।

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