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​भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा ने शुक्रवार को रायपुर स्थित एकात्म परिसर में ‘सौगात-ए-मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया

​भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा ने शुक्रवार को रायपुर स्थित एकात्म परिसर में ‘सौगात-ए-मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मुस्लिम समुदाय की 150 महिलाओं और बच्चों को सौगात किट प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के साथ भाजपा के संबंधों को मजबूत करना और उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करना था।​ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमाल सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अब अधिक जागरूक हो गया है और भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताने की साजिशें विफल हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ पहले ही आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग ने दूरी बना ली थी, और अब मुस्लिम समुदाय भी भाजपा के साथ जुड़ रहा है।​ सिद्दीकी ने भाजपा को ‘पार्टी विद डिफरेंस’ बताते हुए कहा कि यह ‘सेवा ही संगठन’ के मूलमंत्र पर समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए राजनीति करती है, और यही कारण है कि विपक्षी दल बेचैन हैं और मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी बदनीयती में सफल नहीं होंगे।​ उन्होंने यह भी घोषणा की कि अल्पसंख्यक मोर्चा के तत्वावधान में आगामी बैसाखी, गुड फ्राइडे, ईस्टर आदि पर्वों पर मोर्चा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हर घर जाकर त्यौहार की बधाई और भेंट देकर समुदाय की खुशियों में शरीक होंगे। सिद्दीकी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमने भारत मां की गोद में जन्म लिया है, और इसलिए हम सभी त्यौहार मिल-जुलकर मनाते हैं।​ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, शकील अहमद ने भी कार्यक्रम में उपस्थित मुस्लिम भाई-बहनों को रमजान और ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सभी वर्गों के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य कर रही है। अहमद ने कांग्रेस पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब मुस्लिम समुदाय जागरूक हो गया है और देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।​ ‘सौगात-ए-मोदी’ कार्यक्रम भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी विभिन्न समुदायों तक पहुंचकर उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहती है। इस पहल के माध्यम से भाजपा मुस्लिम समुदाय के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

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​सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया

​सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय इन-हाउस समिति द्वारा इस मामले की जांच चल रही है, और वर्तमान में न्यायालय का हस्तक्षेप अनुचित होगा। ​ याचिकाकर्ता, अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा, ने तर्क दिया कि न्यायाधीशों को नियमित आपराधिक जांच से छूट नहीं दी जानी चाहिए और पुलिस को स्वतंत्र रूप से जांच करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने 1991 के के. वीरास्वामी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी चुनौती दी, जिसमें उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने की आवश्यकता होती है। ​ यह मामला 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने की घटना के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से शुरू हुआ। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टोर रूम में नोटों की गड्डियां देखीं, जिनमें से कई जल चुकी थीं। इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश ने तीन सदस्यीय समिति गठित की, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. एस. संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनु शिवरामन शामिल हैं। ​ बाद में, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में करने की सिफारिश की, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, दिल्ली हाईकोर्ट के एक अन्य न्यायाधीश, जस्टिस चंद्रधारी सिंह का भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरण किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन-हाउस जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी विकल्प खुले रहेंगे, और वर्तमान में किसी भी हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। न्यायालय ने कहा कि इन-हाउस जांच समाप्त होने के बाद मुख्य न्यायाधीश रिपोर्ट की जांच करके एफआईआर दर्ज करने या मामले को संसद को भेजने जैसे निर्णय ले सकते हैं। इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इन-हाउस जांच प्रक्रिया के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहा है और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। यह मामला न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति आम जनता की चिंताओं को भी उजागर करता है।

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हंगामा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिए गए भाषण के दौरान हंगामा हो गया। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनसे तीखे सवाल पूछे। छात्रों के सवाल और ममता का जवाब ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। एक व्यक्ति ने उनसे विशेष निवेशों के नाम बताने को कहा, तो ममता ने जवाब दिया, “बहुत सारे हैं…” इसके बाद कुछ लोगों ने उस व्यक्ति को चुप रहने को कहा, यह तर्क देते हुए कि यह कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं है। हंगामे के बीच क्या हुआ? SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के छात्रों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए। छात्रों ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दों पर सवाल किए। ममता ने कहा, “यह मामला अदालत में है, राजनीति मत करो।” उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों से कहा, “आप बंगाल जाइए और अपनी पार्टी को मजबूत कीजिए।” ममता बनर्जी का जवाब विरोध को लेकर ममता ने कहा, “आप मुझे बोलने दें, यह संस्थान का अपमान है।” उन्होंने कहा, “मैं हर धर्म का सम्मान करती हूं।” जब ‘गो अवे’ के नारे लगे, तो ममता ने जवाब दिया, “दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता, दीदी रॉयल बंगाल टाइगर की तरह लड़ेगी।” उन्होंने कहा, “मैं जनता के सामने सिर झुकाऊंगी, लेकिन जबरदस्ती नहीं झुकूंगी।” SFI-UK ने ली जिम्मेदारी SFI-UK (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, यूके) ने विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। संगठन ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के छात्रों और श्रमिक वर्ग के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। यह घटना ममता बनर्जी की विदेश यात्राओं के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक नई बहस छेड़ रही है।

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कुख्यात गैंगस्टर बंटी पांडे साधु के वेश में गिरफ्तार

सूरत: कुख्यात गैंगस्टर बंटी पांडे, जो पिछले पांच साल से नाथ संप्रदाय के साधु के रूप में रह रहा था, को सीआईडी क्राइम और सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। बंटी पांडे पर 2004 में सूरत के हीरा व्यापारी राजेश भट्ट के अपहरण और हत्या का गंभीर आरोप है। क्या था मामला? राजेश भट्ट का अपहरण कर उनकी अमेरिका में पत्नी और मुंबई में भाई से दो करोड़ रुपये फिरौती मांगी गई थी। फिरौती नहीं मिलने पर उनकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया। कैसे छुपा हुआ था बंटी पांडे? उसने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर खुद को महंत बना लिया। पांच साल से अनाज नहीं खाता था, सिर्फ फल और दूध लेता था। भस्म लगाता था और साधु जैसा जीवन जी रहा था, जिससे पुलिस को शक नहीं हुआ। कई संत भी उसे महंत मानते थे। गैंगस्टर के अपराध बंटी पांडे अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के लिए काम करता था। हत्या, जबरन वसूली, अपहरण जैसे कई अपराधों में शामिल था। वापी के एक उद्योगपति के बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में भी उसका नाम है। गिरफ्तारी कैसे हुई? 2004 के मामले में फिरौती के फोन कॉल की ऑडियो जांच से वह दोषी साबित हुआ। सीआईडी क्राइम ने तिहाड़ जेल से हिरासत में लिया और अब सूरत लाकर चार दिन की रिमांड पर रखा गया है। पूछताछ में कई और पुराने मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

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​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया।

​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया। यह आयोजन क्षेत्र में “मिनी कुंभ” के रूप में प्रसिद्ध है, जहां भक्तगण यह मानते हैं कि इस दिन नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा की शुद्धि होती है।​ सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने विस्तृत प्रबंध किए हैं, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को नदी के निकट तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।​ स्नान का यह पावन कार्य सुबह जल्दी शुरू हुआ, जो मधु कृष्ण त्रयोदशी और शतभिषा नक्षत्र के साथ संयोगित था। कई श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियों के विसर्जन और तर्पण के लिए भी यहां पहुंचे, क्योंकि स्थानीय मान्यता के अनुसार इस दिन नदी त्रिवेणी संगम का रूप धारण करती है, जिससे स्नान और तर्पण का विशेष महत्व बढ़ जाता है।​ सिद्धेश्वर मंदिर, जिसे कपिलाश्रम या कपिल मुनि के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है, इस क्षेत्र का एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। हैलाकांडी से लगभग 25 किलोमीटर दूर थांडापुर, पंचग्राम के निकट स्थित यह मंदिर बराक घाटी के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और इसका गहरा पौराणिक महत्व है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में स्थित शिवलिंग पत्थर से निर्मित है, जिसे प्राचीन भारतीय दार्शनिक कपिल मुनि द्वारा स्थापित किया गया माना जाता है।​ बारूणी मेले के चलते, आगामी पंद्रह दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं के मंदिर में आगमन की संभावना है, जिससे यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा।

​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया। Read Post »

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​छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।

​छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग ने एक वर्ष पूर्व निर्देश जारी किया था कि सभी निजी स्कूल अपनी फीस संरचना को सार्वजनिक करें। इसके तहत, स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर और अपनी वेबसाइट पर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी थी। हालांकि, इन निर्देशों का पालन अधिकांश स्कूलों द्वारा नहीं किया जा रहा है, और प्रशासनिक अधिकारी भी इनकी नियमित निगरानी नहीं कर रहे हैं। ​ छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 के अनुसार, निजी स्कूल बिना अनुमति के वार्षिक फीस में अधिकतम 8% तक की वृद्धि कर सकते हैं। यदि इससे अधिक वृद्धि करनी हो, तो उन्हें जिला फीस समिति से अनुमति लेनी आवश्यक है। लेकिन, इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ​ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार, स्कूलों में फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने, और जिला फीस समिति की नियमित बैठकें नहीं होने के कारण फीस में मनमानी बढ़ोतरी हो रही है। आवश्यक है कि प्रशासन इन मुद्दों पर सख्त कार्रवाई करे और सुनिश्चित करे कि निजी स्कूल निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जा सके।

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​शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई के बाद, किसान संगठन ‘किसान मजदूर मोर्चा’ के प्रवक्ता तेजवीर सिंह के अनुसार, लगभग 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अभी भी लापता हैं

​शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई के बाद, किसान संगठन ‘किसान मजदूर मोर्चा’ के प्रवक्ता तेजवीर सिंह के अनुसार, लगभग 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अभी भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि कुल 450 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में से ये वाहन गायब हैं, और स्थानीय पुलिस थानों में तीन प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बावजूद, अभी तक इनका पता नहीं चल पाया है। ​ वहीं, पटियाला पुलिस के उप महानिरीक्षक (DIG) मंदीप सिंह सिद्धू ने खनौरी बॉर्डर से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि वहां मौजूद सभी 650 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किसानों ने 19 मार्च को धरना समाप्त होने के बाद अगले तीन-चार दिनों में वापस ले लिया था। इनमें से कई ट्रॉलियों में एयर कंडीशनर और एलईडी स्क्रीन जैसी सुविधाएं थीं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों ने पानी के टैंकर, गैस सिलेंडर, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन जैसी अन्य वस्तुएं भी वापस ले लीं। शंभू बॉर्डर पर लापता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मुद्दे पर पुलिस और किसान नेताओं के बीच मतभेद बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य सामान को पुराने शंभू थाने में बनाए गए एक यार्ड में रखा गया है, जहां किसान अपनी संपत्ति का प्रमाण दिखाकर अपना सामान ले सकते हैं। इस बीच, किसानों की एक ‘सद्भावना’ बैठक नथाना साहिब गुरुद्वारा, जंडमंगोली गांव, पटियाला में आयोजित होने वाली थी, लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा के कारण यह नहीं हो सकी। इसके अलावा, फरीदकोट जिले के डल्लेवाल में एक धरना जारी है, जहां किसानों का कहना है कि और प्रदर्शनकारियों को गांव में पहुंचने से रोका जा रहा है। बठिंडा में भी गुरुवार दोपहर एक नया धरना शुरू हुआ है।​ शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई और किसानों की गिरफ्तारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित वीडियो देख सकते हैं:​

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Maharashtra Updates: मुंबई में 17 बांग्लादेशी गिरफ्तार; चेन्नई में जाफर के एनकाउंटर के बाद ठाणे पुलिस सतर्क

​हाल ही में महाराष्ट्र में दो प्रमुख घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी और चेन्नई में एक कुख्यात लुटेरे के मारे जाने के बाद ठाणे में सुरक्षा बढ़ाई गई है।​ मुंबई में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी मुंबई पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। शिवाजीनगर और आरसीएफ पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए सभी लोग भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ​ इसके अतिरिक्त, शिवाजीनगर पुलिस ने रफीक नगर इलाके में छापेमारी कर 8 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो पिछले 5 वर्षों से ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में रह रहे थे। जांच में पता चला कि ये सभी अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां रह रहे थे और वेश्यावृत्ति, धोखाधड़ी, ग्राहकों को ठगने और लूटपाट जैसे अपराधों में संलिप्त थे। यह पहली बार है जब मुंबई में ट्रांसजेंडर बनकर रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ​ चेन्नई में लुटेरे के मारे जाने के बाद ठाणे में सुरक्षा बढ़ाई गई चेन्नई पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में कुख्यात लुटेरे जाफर गुलाम हुसैन ईरानी को मार गिराया। जाफर, जो मुंबई और नवी मुंबई में 100 से अधिक चेन स्नैचिंग मामलों में वांछित था, तारामणी रेलवे स्टेशन के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। उसके दो साथियों, मिसामुम धुस्वासम मेसम ईरानी और सलमान हुसैन ईरानी, को भी गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद, ठाणे जिले के कल्याण स्थित अंबिवली इलाके की ईरानी बस्ती में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह इलाका कुख्यात लुटेरों के गिरोह के लिए जाना जाता है, और जाफर की मौत के बाद वहां की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ​ इन दोनों घटनाओं ने महाराष्ट्र में सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है। मुंबई पुलिस अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि ठाणे पुलिस लुटेरों के खिलाफ अपनी सतर्कता बढ़ा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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CG Crime News: अफेयर के शक में दूसरी पत्नी की हत्या… लात-घूंसों व डंडों से पीटा, 3 दोस्तों के मिलकर जलाया शव

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम कमराई में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें पति ने अपनी दूसरी पत्नी की चरित्र पर संदेह के चलते उसकी हत्या कर दी और शव को जलाने का प्रयास किया। 65 वर्षीय अमृत केरकेट्टा अपनी 45 वर्षीय पत्नी देवमती के साथ ग्राम कमराई में रहता था। 20 फरवरी 2025 की रात, दोनों ने साथ में शराब का सेवन किया, जिसके बाद उनके बीच विवाद हुआ। विवाद के दौरान, अमृत ने देवमती को लात-घूंसों और डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। ​ हत्या के बाद, सबूत मिटाने के उद्देश्य से, अमृत ने अपने तीन दोस्तों—मयंक यादव, श्रवण यादव और राजेंद्र केरकेट्टा—की मदद से देवमती के शव को खेत में ले जाकर पैरा (फसल अवशेष) के ढेर में जलाया। अगली सुबह, गांव के निवासी चैन सिंह राठिया ने शौच के लिए जाते समय खेत में जले हुए शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। ​ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान, अमृत केरकेट्टा ने पहले गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने अमृत को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया है। उसके तीनों साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। ​ इस घटना ने ग्राम कमराई में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों में भय का माहौल है।

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छत्तीसगढ़ में चावल घोटाला: अब खाद्य विभाग के अधिकारियों से होगी पूछताछ

​छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चावल वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे राज्य में कई घोटालों का पर्दाफाश हुआ है। इन घोटालों में सरकारी अधिकारियों, राशन दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। 2024 में, राज्य में 219 करोड़ रुपये से अधिक के चावल घोटाले की जांच के लिए विधानसभा समिति का गठन किया गया। इस समिति ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की और संचालनालय के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की। समिति की बैठकों में राशन दुकानों के स्टॉक मिलान, नियमों के विपरीत बाजार से चावल खरीदने और बिना उचित प्रक्रिया के वसूली जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, एक फर्जी संघ के अध्यक्ष द्वारा कार्डधारकों की जगह दीवार की फोटो अपलोड करके एपीएल चावल चोरी करने का मामला भी सामने आया, जिसमें उसने एक दिन में 433 मिनट में 460 से अधिक लोगों को राशन वितरित किया। इस फर्जी अध्यक्ष ने चोरी किए गए चावल से संपत्ति बनाई और अब अपने बेटे के साथ मिलकर हवाला का कारोबार कर रहा है, जिसकी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में की गई है।​ खाद्य विभाग ने इस घोटाले में शामिल 39 राशन दुकानों में से 4 को निलंबित कर दिया और अन्य के खिलाफ कुर्की के आदेश जारी किए हैं। इन दुकानों से 7971 क्विंटल चावल की रिकवरी होनी बाकी है। इसके अलावा, अभनपुर की दो सरकारी दुकानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। खाद्य विभाग ने राशन दुकानों के संचालकों से स्टॉक की कमी का कारण पूछा है, जिसमें कुछ दुकानदारों ने टेबलेट व ई-पोस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के कारण स्टॉक का सही मिलान नहीं होने की बात कही है। ​ एक अन्य मामले में, 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 175 करोड़ रुपये के कथित चावल मिल घोटाले में छत्तीसगढ़ चावल मिल मालिक एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया। ईडी ने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन सत्र 2021-22 के दौरान चावल मिल मालिकों से अवैध वसूली की जा रही थी, जिसमें चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस घोटाले में चावल मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य विपणन महासंघ लिमिटेड (मार्कफेड) के अधिकारियों के साथ मिलकर धान की कस्टम मिलिंग के लिए चावल मिल मालिकों से रिश्वत ली। इसके अलावा, 2020 में, अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने खुलासा किया कि अप्रैल 2013 से दिसंबर 2018 के बीच 10 लाख फर्जी राशन कार्डों के माध्यम से लगभग 11 लाख टन चावल की हेराफेरी की गई, जिससे राज्य को 2718 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में तत्कालीन खाद्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। ​ इन घोटालों ने छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार और जांच एजेंसियों द्वारा इन मामलों की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके और जनता का विश्वास बहाल किया जा सके।​

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