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रायपुर में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज भवन का निर्माण जारी: समाज ने विधायक पुरंदर मिश्रा का जताया आभार

राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज के भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस भवन का भूमिपूजन कुछ महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा किया गया था। इसी को लेकर समाज के लोगों ने उनसे मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और समाज के अनेक सदस्य शामिल हुए। आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। संगठन मंत्री प्रभाकर राव ने कहा कि समाज की उन्नति के लिए एकता बेहद जरूरी है। जब लोग मिलकर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तभी समाज मजबूत और विकसित होता है। उन्होंने सभी से अपील की कि आगे भी इसी तरह एकजुट होकर समाजहित में कार्य करते रहें। समाज की उपाध्यक्ष और अधिवक्ता एस. लता राव ने भी अपने संबोधन में एकता, प्रेम और आपसी सम्मान को समाज की मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के विकास और संगठन को और मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने एक बार फिर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।

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बेलतरा में 30 साल बाद सड़कों का निर्माण शुरू: चुनाव बहिष्कार की चेतावनी के बाद MLA सुशांत शुक्ला ने किया शिलान्यास

बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 साल बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ है। लंबे समय से सड़क सुविधा नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार तक की चेतावनी दी थी। अब विधायक सुशांत शुक्ला की पहल पर विभिन्न गांवों में 14 करोड़ 56 लाख 34 हजार रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इस क्षेत्र के कई गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित थे। यहां ज्यादातर जगहों पर कच्ची और डब्ल्यूबीएम सड़कें थीं, जो खासकर बारिश के मौसम में पूरी तरह खराब हो जाती थीं। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि चुनाव के दौरान जब वे इन गांवों में पहुंचे थे, तब लोगों की सबसे बड़ी मांग सड़क निर्माण ही थी। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। उस समय उन्होंने आश्वासन दिया था कि जीतने के बाद इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद उनकी पहल पर भरदैयाडीह से कलमीटार, गोदईया-कलमीटार, भदरापारा-बरभांठा और करमा-बरभांठा-सरगाधोड़ी मार्गों के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। अब स्वीकृति मिलने के बाद इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं में भरदैयाडीह से कलमीटार मार्ग (3 किलोमीटर) के लिए 289 लाख रुपये, गोदईया-कलमीटार मार्ग (2.45 किलोमीटर) के लिए 278.48 लाख रुपये, भदरापारा-बरभांठा मार्ग (2.70 किलोमीटर) के लिए 360 लाख रुपये और करमा-बरभांठा-सरगाधोड़ी मार्ग (4.20 किलोमीटर) के लिए 478.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा ग्राम लगरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे इंतजार के बाद विकास कार्य शुरू होने से गांवों में उत्साह का माहौल है। बिटकुली गांव के सरपंच शिव कुमार यादव ने बताया कि ग्रामीण वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे थे और बरसात के समय स्थिति और भी खराब हो जाती थी। अब सड़क बनने से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

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20 साल से अटका शारदा चौक-तात्यापारा प्रोजेक्ट: फ्लाईओवर की घोषणा के 41 दिन बाद भी एजेंसी तय नहीं

रायपुर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण का मामला पिछले 20 वर्षों से लंबित है। 24 फरवरी को विधानसभा में पेश बजट में इस मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी। हालांकि 41 दिन बीत जाने के बाद भी निर्माण के लिए किसी एजेंसी का चयन नहीं हो पाया है, जिससे परियोजना एक बार फिर अनिश्चितता में फंस गई है। मामले की पड़ताल में सामने आया है कि प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग दोनों ही स्पष्ट जिम्मेदारी लेने से पीछे हट रहे हैं। दोनों विभागों का कहना है कि शासन स्तर पर अभी तक एजेंसी तय नहीं की गई है। इसी वजह से वर्षों से लंबित सड़क चौड़ीकरण और हाल ही में घोषित फ्लाईओवर फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। इस बीच रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखी गई चिट्ठी के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है। सांसद ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि जब पहले ही शहर के विधायकों और महापौर की बैठक में सड़क चौड़ीकरण पर सहमति बन चुकी थी, तो बजट में अचानक फ्लाईओवर का प्रावधान कैसे जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर शहरवासियों में असंतोष और नाराजगी है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नगरीय निकाय चुनाव 2025 के दौरान जारी ‘अटल विश्वास पत्र’ में तात्यापारा-शारदा चौक सड़क चौड़ीकरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा किया गया था। इसके अलावा विधानसभा में भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। करीब दो साल पहले नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार इस चौड़ीकरण परियोजना की जद में लगभग 102 दुकानें और मकान आते हैं। उस समय जमीन अधिग्रहण के लिए करीब 122 करोड़ रुपये मुआवजे का अनुमान लगाया गया था, जबकि सड़क निर्माण की लागत 12 से 15 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई थी। अब नई गाइडलाइन दर लागू होने के कारण इस परियोजना की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि पहले दी गई 30 प्रतिशत की छूट अब समाप्त हो चुकी है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त रूट्स में से एक है, जहां से रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं। सुबह और शाम के समय यहां 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसका असर आसपास की सड़कों पर भी पड़ता है। इधर, विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर नगर सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि महापौर ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बाद भी बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि फ्लाईओवर बनाया जाता है तो इससे प्रभावित लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी। वहीं अधिकारियों के बीच भी जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पीडब्ल्यूडी के सीई एसके कोरी का कहना है कि यह परियोजना उनके बजट में शामिल नहीं है, इसलिए निर्माण एजेंसी को लेकर उनके पास कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर नगर निगम आयुक्त विश्वेश कुमार का कहना है कि फ्लाईओवर का निर्माण पीडब्ल्यूडी को करना है और वे इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करेंगे। कुल मिलाकर, शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों को ट्रैफिक समस्या से राहत मिलने में और देरी हो सकती है।

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ऑपरेशन ‘निश्चय’ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 जिलों में दबिश, नशीली सामग्री और हथियार बरामद, 46 वारंटी गिरफ्तार

रायपुर रेंज में पुलिस ने ऑपरेशन “निश्चय” के तहत 4 और 5 अप्रैल को व्यापक अभियान चलाकर अपराधियों पर सख्ती दिखाई। इस दौरान बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और रायपुर ग्रामीण जिलों में 95 टीमों ने एक साथ 384 स्थानों पर रेड, दबिश और चेकिंग की कार्रवाई की। अभियान के दौरान अवैध शराब, मादक पदार्थ, हथियार और फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आबकारी एक्ट के तहत 126 मामले दर्ज कर 126 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 802.436 लीटर शराब और 597 पौवा जब्त किए। नारकोटिक्स/एनडीपीएस एक्ट के तहत 22 मामलों में 21.945 किलोग्राम मादक पदार्थ और 60 टैबलेट बरामद की गईं। आर्म्स एक्ट के तहत 6 मामले दर्ज कर 2 पिस्टल जब्त किए गए। इसके अलावा विभिन्न प्रतिबंधात्मक धाराओं में 174 कार्रवाई की गई। वारंट तामील अभियान के दौरान 31 गिरफ्तारी वारंट, 14 स्थायी वारंट और 1 जमानती वारंट सहित कुल 46 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। जिला स्तर पर भी पुलिस ने सघन कार्रवाई की। बलौदाबाजार-भाटापारा में 13 मामलों में 5.6 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। गरियाबंद में 119 रेड के दौरान 158 लीटर शराब पकड़ी गई। धमतरी में 150 स्थानों पर दबिश देकर 3.9 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया। महासमुंद में 10.5 किलोग्राम मादक पदार्थ और 357 लीटर शराब जब्त की गई, जबकि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में 1.8 किलोग्राम गांजा और 597 पौवा शराब बरामद हुई। इसके अलावा सट्टा-जुआ एक्ट के तहत 2 मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6,230 रुपए जब्त किए गए। अन्य आपराधिक मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऑपरेशन “निश्चय” के तहत असामाजिक तत्वों, तस्करों और फरार आरोपियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

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भाजपा का 47वां स्थापना दिवस आज: रायपुर में CM विष्णुदेव साय करेंगे ध्वजारोहण, सप्ताहभर चलेंगे कार्यक्रम

भारतीय जनता पार्टी आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में ध्वजारोहण करेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज के अनुसार, स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश कार्यालय के साथ-साथ सभी जिलों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रायपुर के एकात्म परिसर में सुबह 10 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ध्वजारोहण करेंगे, जिसके बाद पूरे दिन संगठनात्मक गतिविधियां चलेंगी। शाम 5 बजे एकात्म परिसर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। प्रदेश महामंत्री और कार्यक्रम प्रभारी यशवंत जैन ने बताया कि 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक ‘सेवा सप्ताह’ मनाया जाएगा। इस दौरान बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 5 से 7 अप्रैल तक पार्टी कार्यालयों में दीपोत्सव भी मनाया जा रहा है। कार्यालयों को दीप, झालर और रंगोली से सजाया गया है। 6 अप्रैल को ध्वजारोहण के बाद पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों पर चर्चा की जाएगी, साथ ही मिठाई और शरबत वितरण का भी आयोजन होगा। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने घरों पर भी ध्वज फहराएं और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करें। 6 और 7 अप्रैल को बूथ स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित होंगे, जहां कार्यकर्ता एकत्र होकर स्थापना दिवस मनाएंगे और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लेंगे। 8 और 9 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संगठन विस्तार, विकास कार्यों और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा होगी। केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा 7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव/बस्ती चलो अभियान’ भी चलाया जाएगा। इस दौरान सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी गांवों और बस्तियों में जाकर जनसंपर्क करेंगे। बड़ी विधानसभाओं में कम से कम 50 और छोटी विधानसभाओं में 20 गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के तहत स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, प्रबुद्धजनों से मुलाकात और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

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रायपुर में पुलिस की सख्ती: एक रात में 129 नशे में गाड़ी चलाने वाले चालक पकड़े गए

राजधानी में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर पुलिस द्वारा की गई अचानक चेकिंग में एक ही रात में 129 ऐसे चालक पकड़े गए जो शराब के नशे में वाहन चला रहे थे। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। कई मामलों में वाहनों को जब्त कर लिया गया और नशे में पाए गए चालकों को पैदल घर भेजा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।] यातायात एवं प्रोटोकॉल के पुलिस उपायुक्त विकास कुमार के निर्देश पर 5 अप्रैल की रात शहर के सात प्रमुख स्थानों पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात थाना प्रभारियों और उनकी टीम ने ब्रीथ एनालाइजर के जरिए जांच की, जिसमें 129 चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक कुल 1853 नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। हर मामले में कोर्ट द्वारा न्यूनतम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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रिसाली में करंट लगने से ठेका श्रमिक की मौत, चालू लाइन पर काम के दौरान हादसा; ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

छत्तीसगढ़ के रिसाली क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में बिजली करंट की चपेट में आने से एक ठेका श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय रोशन कुमार देवांगन के रूप में हुई है, जो नगर निगम में अनस्किल्ड लाइनमैन के रूप में कार्य कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले के गणेश नगर इलाके में बिजली लाइन सुधार का काम चल रहा था। इसी दौरान रोशन चालू लाइन पर काम कर रहा था, तभी अचानक तेज करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नेवई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक को न तो सही प्रशिक्षण दिया गया था और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। बिना सेफ्टी किट के लाइव लाइन पर काम कराना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका श्रमिकों से जोखिम भरे काम तो कराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होता। घटना के बाद नगर निगम की महापौर शशि सिन्हा ने तुरंत आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और परिषद सदस्य शामिल होंगे, जहां सुरक्षा व्यवस्था, ठेकेदार की भूमिका और लापरवाही के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। महापौर ने कहा है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस भी ठेका कंपनी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

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‘कच्चा कारोबार’ पर सख्ती: 1.5 लाख से ज्यादा व्यापारी GST से बाहर, 10 अप्रैल के बाद नोटिस

छत्तीसगढ़ में टैक्स चोरी पर रोक लगाने के लिए स्टेट GST विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में व्यापारी और सेवा प्रदाता जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद अब तक पंजीयन नहीं करा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के नियमों के अनुसार, जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से अधिक है और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपए से ज्यादा आय है, उनके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसके बावजूद करीब 3.5 लाख संभावित कारोबारियों में से केवल 2 लाख ने ही पंजीयन कराया है, यानी लगभग डेढ़ लाख लोग अब भी सिस्टम से बाहर हैं। इसी अंतर को देखते हुए विभाग ने 10 अप्रैल के बाद ऐसे अपंजीकृत कारोबारियों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बैंकों और छत्तीसगढ़ राज्य बिजली वितरण कंपनी से उन क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है जहां बिजली खपत अचानक बढ़ी है। ऐसे इलाकों में चल रहे उद्योगों और व्यवसायों की जांच कर उनके टर्नओवर का आकलन किया जाएगा। जांच में यह भी सामने आया है कि नॉन-ब्रांडेड सामान जैसे जूते-चप्पल, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और प्लास्टिक उत्पादों का कारोबार करने वाले कई व्यापारी जीएसटी से बच रहे हैं। जबकि ब्रांडेड कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं, स्थानीय और छोटे कारोबारी बिना पंजीयन के ही बड़े स्तर पर व्यापार कर रहे हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बाद व्यापारियों को अपनी दुकान, दफ्तर या फैक्ट्री के बाहर जीएसटी नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर 30 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अभी तक कई मामलों में चेतावनी देकर समय दिया जाता था, लेकिन अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत व्यापारी अभी भी यह जानकारी प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। कोयला और ट्रांसपोर्टिंग सेक्टर को लेकर भी विभाग सतर्क है, क्योंकि इन क्षेत्रों में बिना बिल के लेनदेन और टैक्स चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। विभाग का कहना है कि पहले ऐसे व्यापारियों को जागरूक किया जाएगा, लेकिन जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। स्टेट जीएसटी कमिश्नर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने कहा है कि इस साल हर हाल में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और टैक्स चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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बस्तर में इंद्रावती पर 930 मीटर का पुल फिर शुरू: नक्सल बाधा के बाद री-टेंडर जारी, सुरक्षा में होगा निर्माण

बस्तर के संवेदनशील इलाके में विकास की एक बड़ी परियोजना फिर पटरी पर लौटती दिख रही है। इंद्रावती नदी पर बेदरे में बन रहा 930 मीटर लंबा अंतरराज्यीय पुल, जो नक्सली दहशत के कारण वर्षों से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू होने जा रहा है। ब्रिज कॉर्पोरेशन ने इसके लिए 28 करोड़ रुपए का नया टेंडर जारी किया है। यह प्रोजेक्ट 2020-21 में शुरू हुआ था और शुरुआती चरण में 8 पिलर तैयार भी हो चुके थे, लेकिन नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के कर्मचारियों के अपहरण और धमकी के बाद काम पूरी तरह बंद हो गया था। इसके बाद कोई भी ठेकेदार इस हाई-रिस्क जोन में काम करने के लिए तैयार नहीं था। अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मजबूत तैनाती के चलते भरोसा लौटा है और इंद्रावती नदी किनारे जवानों का स्थायी कैंप भी स्थापित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार कड़ी सुरक्षा के बीच हर हाल में पुल निर्माण पूरा किया जाएगा। यह पुल बीजापुर जिले को सीधे महाराष्ट्र से जोड़ेगा। बेदरे से महाराष्ट्र के भंवरागढ़ की दूरी मात्र 20 किलोमीटर है। पुल बनते ही बीजापुर से नागपुर और आगे मुंबई तक का सफर आसान हो जाएगा, जिससे अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अबूझमाड़ क्षेत्र में बन रहा यह पुल विकास के लिहाज से टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। इसके बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही सड़क, मोबाइल नेटवर्क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुल उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा और नदी पार करने का जोखिम खत्म होगा। इंद्रावती नदी पर बनने वाला यह अब तक का सबसे लंबा पुल होगा, जो बस्तर और महाराष्ट्र के बीच संपर्क को नई दिशा देगा।

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छत्तीसगढ़ के 3 युवा क्रिकेटर NCA कैंप के लिए चयनित, U-16 लेवल पर बड़ी उपलब्धि

छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के तीन होनहार खिलाड़ियों का चयन नेशनल क्रिकेट अकादमी द्वारा आयोजित अंडर-16 एलीट और हाई परफॉर्मेंस कैंप के लिए किया गया है। यह चयन ऑल इंडिया जूनियर सिलेक्शन कमेटी ने किया है, जिसे राज्य क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हाई परफॉर्मेंस कैंप के लिए अर्शवीर सिंह भाटिया का चयन हुआ है। यह कैंप बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 18 मई से 13 जून 2026 तक आयोजित होगा। वहीं अंडर-16 एलीट कैंप के लिए प्रतीक गंधर्व और अरहम नाहर को चुना गया है। एलीट कैंप 11 मई से 6 जून 2026 तक देश के अलग-अलग सेंटरों पर होगा, जहां गंधर्व देहरादून और नाहर अनंतपुर में ट्रेनिंग लेंगे। इस कैंप में खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के टॉप कोचिंग स्टाफ की निगरानी में ट्रेनिंग मिलेगी। इसमें बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के साथ-साथ फिटनेस, स्ट्रेंथ और प्रोफेशनल रूटीन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। NCA कैंप को युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म माना जाता है, जहां परफॉर्मेंस एनालिसिस, वीडियो स्टडी और डेटा के जरिए खेल को बेहतर बनाया जाता है। यही नहीं, यह कैंप आगे चलकर अंडर-19, रणजी और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का महत्वपूर्ण रास्ता भी बनता है। देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलने से इन खिलाड़ियों को अच्छा एक्सपोजर मिलेगा और चयनकर्ताओं की नजर में आने का अवसर भी मिलेगा। छत्तीसगढ़ के इन खिलाड़ियों से आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

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