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रायपुर में अप्रैल में ही पेयजल संकट, बोरवेल सूखने और लो प्रेशर से लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है

रायपुर शहर में अप्रैल की तेज गर्मी के साथ ही पेयजल संकट गंभीर रूप ले रहा है। कई बोरवेल सूख चुके हैं और अधिकांश वार्डों में नलों का पानी लो प्रेशर से आ रहा है, जिससे टेल एंड तक सप्लाई पहुंच नहीं पा रही है। जोन-9 के वार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां रोजाना टैंकरों से पानी सप्लाई करनी पड़ रही है और लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। लाभांडी, खम्हारडीह, कचना, दलदल सिवनी, सड्डू, हीरापुर, मोवा और जोरा सहित कई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शहर के आउटर क्षेत्रों की सोसायटियों और मोहल्लों में टैंकरों के फेरे लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकांश वार्डों में पानी लो प्रेशर से आ रहा है, जबकि कुछ बड़े इलाकों में पानी की टंकी बनने के बावजूद पाइपलाइन अधूरी है। पुरानी टंकियों से ही सप्लाई होने के कारण प्रेशर और कम हो रहा है। चंगोराभाठा के करन नगर, ब्रह्मदेव नगर (लाभांडी), कचना के स्वास्तिक नगर, पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड के यादवपारा, धोबीपारा और अर्जुन चौक समेत कई क्षेत्रों में पानी बेहद कम प्रेशर से मिल रहा है। लाभांडी के ब्रह्मदेव नगर में लोग सार्वजनिक बोर से छोटे टैंकों में पानी भरकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। कई सालों से भूजल स्तर गिरने के कारण बोरवेल का पानी भी कम हो गया है। टैंकर पहुंचते ही भीड़ लग जाती है और कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है। भूजल स्तर में गिरावट और पाइपलाइन नेटवर्क अधूरा होना मुख्य वजह बताई जा रही है। टेल एंड इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और वहां नियमित सप्लाई नहीं पहुँच पा रही। गर्मियों में हर साल दोहराई जाने वाली यह समस्या स्थायी समाधान के अभाव में बनी रहती है। टैंकर पर बढ़ती निर्भरता से लागत और विवाद भी बढ़ रहे हैं। शहर में किन वार्डों में पानी की समस्या है, इसकी रिपोर्ट रोज ली जा रही है। एमआईसी सदस्यों के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम बनाई गई है। जरूरत के अनुसार पाइपलाइन बिछाने के साथ ही टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है। जोन-9 क्षेत्र में सबसे ज्यादा टैंकर भेजे जा रहे हैं। जोन-3 और जोन-7 के वार्डों में भी पानी की कमी है। वर्तमान में टैंकर सप्लाई के लिए नया टेंडर नहीं हुआ है और पुराने टेंडर से ही सप्लाई जारी है। नवा रायपुर में बढ़ती आबादी के साथ पानी की मांग तीन गुना बढ़ गई है। गर्मियों में कटौती से राहत के लिए कोडापार एनीकट से 33 एमएलडी अतिरिक्त पानी लाने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। पिछले 10 साल में सप्लाई 11 एमएलडी से बढ़कर 33 एमएलडी तक पहुंच गई है, लेकिन गर्मियों में महानदी का जलस्तर घटने से नियमित सप्लाई प्रभावित होती है। स्थायी समाधान के लिए एनआरडीए अभनपुर के कोडापार एनीकट से नई पाइपलाइन के जरिए पानी लाएगा। करीब 10 किमी पाइपलाइन बिछ चुकी है और 5 किमी का काम बाकी है, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल टीला एनीकट से पानी पचेड़ा फिल्टर प्लांट तक लाया जाता है। जलस्तर घटने पर सुबह-शाम तीन-तीन घंटे कटौती करनी पड़ती है। नई योजना के पूरा होने के बाद वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होगा। वर्तमान में 52 एमएलडी क्षमता का प्लांट संचालित है और लेयर-वन के 10 हजार घरों को 24 घंटे पानी मिल रहा है। हर साल पानी संकट की मुख्य वजह महानदी पर निर्भरता, गर्मियों में गंगरेल से कम पानी छोड़ना, तेजी से बढ़ती आबादी और खपत, और वैकल्पिक स्रोत की कमी बताई जा रही है।

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INS तारागिरी नौसेना में शामिल, ब्रह्मोस से लैस बढ़ी भारत की ताकत

INS Taragiri को शुक्रवार को Visakhapatnam में आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि इस आधुनिक युद्धपोत के शामिल होने से नौसेना की ताकत और क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। INS तारागिरी को Mazagon Dock Shipbuilders Limited ने प्रोजेक्ट 17-A के तहत तैयार किया है। यह अत्याधुनिक युद्धपोत BrahMos missile, एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम और एमएफ-स्टार रडार से लैस है। इसके अलावा इसमें 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम, एंटी-सबमरीन रॉकेट और टॉरपीडो जैसी क्षमताएं भी मौजूद हैं। यह युद्धपोत नीलगिरि क्लास (Project 17A) का चौथा स्टेल्थ फ्रिगेट है। इस क्लास के कुल 7 आधुनिक युद्धपोत तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य की समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। नई INS तारागिरी, पुराने ‘तारागिरी’ का उन्नत संस्करण है, जिसने 1980 से 2013 तक करीब 33 साल तक सेवा दी थी। नए वर्जन में स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, बेहतर मारक क्षमता और अत्याधुनिक ऑटोमेशन सिस्टम शामिल किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस प्रोजेक्ट में करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है और 200 से अधिक एमएसएमई इससे जुड़े हैं। प्रोजेक्ट के बाकी तीन युद्धपोत अगस्त 2026 तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे।

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मालदा हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA ने संभाली जांच

Malda में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे Bagdogra Airport से पकड़ा गया, जब वह बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में अब तक कुल 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी मोफक्करुल इस्लाम पेशे से वकील है और AIMIM से जुड़ा रहा है। उस पर आरोप है कि 1 अप्रैल को सुजापुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उकसाया। इसके बाद हजारों लोगों ने कालियाचक स्थित BDO ऑफिस का घेराव कर दिया और 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक अंदर बंधक बनाए रखा। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अफसरों की रिहाई मामला गंभीर होने पर Supreme Court of India के हस्तक्षेप के बाद देर रात भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अदालत ने इस घटना को न्याय व्यवस्था में बाधा डालने का गंभीर प्रयास बताया। NIA करेगी जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency को जांच सौंपी गई है। NIA की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। हिंसा के बाद कई जिलों में विरोध घटना के बाद 2 अप्रैल को मालदा सहित जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पूर्व बर्धमान में भी प्रदर्शन हुए। कई जगहों पर सड़कों को जाम किया गया और टायर जलाकर विरोध जताया गया। सुरक्षा बढ़ाई गई स्थिति को देखते हुए Election Commission of India ने राज्य में सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) की 500 कंपनियां तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और एजेंसियां इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।

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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल महंगा, कीमत 100 रुपए के पार

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा सेस बढ़ाए जाने के बाद 2 अप्रैल सुबह 6 बजे से पेट्रोल की कीमत में 1 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। अब Raipur समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार पहले पेट्रोल पर 24 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस वसूल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 रुपए कर दिया गया है। इसी कारण पेट्रोल की कीमत में यह बढ़ोतरी हुई है। डीजल पर अभी भी 23 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस ही लागू है, जिससे उसकी कीमत स्थिर बनी हुई है। रायपुर में पहले पेट्रोल की कीमत करीब 99.44 से 99.47 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 100.44 से 100.47 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत लगभग 93.41 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी किसी तरह की किल्लत नहीं है। राज्य सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट और सेस से हर साल 7000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलता है, जो सेस बढ़ने के बाद और बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी अब सामान्य हो रही है। पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार एजेंसियों को मांग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, हालांकि ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम के कारण थोड़ी देरी हो सकती है।

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महासमुंद विवाद पर सख्त कांग्रेस, बागी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट तलब

छत्तीसगढ़ के Mahasamund में कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पार्टी हाईकमान सख्त हो गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाध्यक्षों से नाराज और बागी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसी स्थिति न बने। अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई के संकेत प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने स्पष्ट कहा है कि घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसे तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नाराज कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाई जा रही पार्टी संगठन स्तर पर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से उन कार्यकर्ताओं की सूची मांगी गई है जो नाराज हैं या बागी रुख अपना सकते हैं। हाल ही में हुए संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद कई जगहों पर असंतोष सामने आया है, जिसे समय रहते नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बढ़ा विवाद गुरुवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में महंगाई के मुद्दे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद शुरू हुआ। जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव द्वारा कार्यक्रम किए जाने के बाद जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने उन्हें सूचना न मिलने पर आपत्ति जताई। नोकझोंक से मारपीट तक पहुंचा मामला बहस धीरे-धीरे बढ़कर मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सियां और ग्लास फेंके गए और जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि विजय साव ने पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन के साथ मारपीट की। पुलिस हस्तक्षेप और FIR दर्ज स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हुआ। घटना के बाद विजय साव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी अब इस पूरे मामले को अनुशासन से जोड़कर देख रही है और भविष्य में सख्त कार्रवाई के संकेत दे रही है।

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रायपुर में समर कैंप 2026 का आयोजन: कला केंद्र में बच्चों के लिए कला, संगीत और भाषा प्रशिक्षण

रायपुर के संस्थान कला केंद्र में इस साल “समर कैंप 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को रोचक और उपयोगी बनाना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में बच्चों को संगीत, नृत्य, चित्रकला, योग, शतरंज और स्पोकन इंग्लिश जैसी गतिविधियों की प्रशिक्षण दी जाएगी, जिससे उनके आत्मविश्वास और कौशल में वृद्धि हो। समर कैंप को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा: पहला चरण 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक, दूसरा 1 मई से 15 मई तक और तीसरा 16 मई से 30 मई तक चलेगा। कक्षाएं रोजाना सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चे नियमित रूप से सीख सकें और अपनी पसंद के अनुसार गतिविधियों में भाग ले सकें। कैंप में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 110 रुपये और प्रशिक्षण फीस 500 रुपये तय की गई है। चूंकि सीटें सीमित हैं, इसलिए अभिभावकों से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की गई है। यह समर कैंप जी.ई. रोड स्थित इंटरनेशनल स्विमिंग पूल के पीछे कला केंद्र परिसर में आयोजित होगा। कला केंद्र रायपुर में पहले से ही संगीत, तबला, हारमोनियम और अन्य कई विधाओं की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को भी लाभ मिल रहा है।

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बिलासपुर में बार संचालक से मारपीट, कांग्रेस नेता पर आरोप; बोले- पार्किंग को लेकर हुआ विवाद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार देर रात एक बार संचालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि Nazim Khan और उसके साथियों ने शराब नहीं मिलने पर विवाद करते हुए हमला किया। घटना तारबाहर थाना क्षेत्र की है। सिविल लाइन निवासी और अमिगोज बार संचालक मो. तौसिफ के अनुसार रात करीब 12:50 बजे नाजिम खान के लगातार फोन कॉल आ रहे थे। फोन उठाने पर उन्होंने शराब की मांग की, लेकिन बार बंद होने की बात कहने पर गाली-गलौज और धमकी दी गई। तौसिफ के मुताबिक, वह तुरंत बार पहुंचा तो वहां नाजिम खान अपने साथियों सैय्यान बुखारी और सलमान खान के साथ मौजूद था। आरोप है कि शराब देने से इनकार करने पर पहले पैसे देने की बात कही गई और मना करने पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद डंडे और हाथ-मुक्कों से हमला किया गया, जिससे तौसिफ घायल हो गया। घटना के दौरान पुलिस पेट्रोलिंग वाहन का सायरन सुनकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में तौसिफ ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं Nazim Khan ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि विवाद शराब को लेकर नहीं, बल्कि बार के पीछे गाड़ी पार्किंग को लेकर हुआ था। उन्होंने कहा कि मामूली कहासुनी के बाद मामला वहीं खत्म हो गया था, लेकिन बाद में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। नाजिम खान ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना सीसीटीवी फुटेज की जांच किए एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष से बड़े बदलाव: रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा और नियम सख्त

1 अप्रैल 2026 से देशभर में नए वित्तीय वर्ष के साथ कई बदलाव लागू हो गए हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर असर डालेंगे। छत्तीसगढ़ में भी कुछ राहत और कुछ महंगी सुविधाएं सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री और राशन:राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री अब सस्ती हो गई है। राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ मिलेगा। इसके अलावा नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक की बोतलों में उपलब्ध होगी। इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव:1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जो 1961 के पुराने अधिनियम की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाया गया है। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। अब केवल एक ‘टैक्स वर्ष’ होगा, यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा। टोल प्लाजा अब कैशलेस:देशभर के टोल प्लाजा पर कैश भुगतान बंद कर दिया गया है। अब FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान होगा। बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के यात्रियों को परेशानी हो सकती है। PAN-KYC नियम सख्त:बैंक, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य होगा। PAN कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार ही नहीं, बल्कि जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट भी जरूरी होगी। रेल टिकट नियम में बदलाव:1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त किए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक का समय मिलेगा। कॉमर्शियल गैस महंगी:तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा। सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव:कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब कुल CTC का कम से कम 50% होनी जरूरी है। इससे EPF और ग्रेच्युटी में कटौती बढ़ेगी, लेकिन लंबे समय में रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2026 से छत्तीसगढ़ में लोगों को कुछ राहत के साथ-साथ कुछ महंगी और सख्त नियमों का सामना करना पड़ेगा।

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नालंदा मंदिर में भगदड़, 9 की मौत; भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नदारद

बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में अचानक भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। एक घायल पुरुष ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। अफरातफरी के बीच कई लोग गिर गए और भीड़ में दबकर उनकी मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर छोटा होने के बावजूद भीड़ को संभालने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गई थी। न तो पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था और न ही बैरिकेडिंग या लाइन व्यवस्था की गई थी। लोग जल्दी दर्शन करने के चक्कर में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, जिससे हालात बिगड़ गए। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेला बंद करवा दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उसी दिन द्रौपदी मुर्मु नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं मंदिर परिसर में जुटी हजारों की भीड़ के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मंदिर प्रबंधन की लापरवाही, भीड़ नियंत्रण के अभाव और सुरक्षा व्यवस्था की कमी इस हादसे के प्रमुख कारण रहे। घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी की बात सामने आई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

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मोदी का कांग्रेस पर निशाना, बोले- अफवाह फैलाकर हालात बिगाड़ने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। गुजरात के वाव-थराड में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने हालात को नियंत्रण में रखा है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कठिन परिस्थितियों में भी कांग्रेस अफवाह फैलाने और लोगों को भड़काने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए पेट्रोल पंपों पर भीड़ जुटाकर व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट और गांधीनगर में सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का उद्घाटन किया। साणंद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना काल में ही तय कर लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर सेक्टर में वैश्विक केंद्र बनाना है। उन्होंने प्लांट का निरीक्षण भी किया और इंजीनियरों से बातचीत की। यह प्लांट एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल तैयार करेगा, जिनका उपयोग ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उपकरणों में किया जाता है। यहां निर्मित चिप्स को कैलिफोर्निया स्थित कंपनी को निर्यात किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने गांधीनगर स्थित सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का भी उद्घाटन किया, जहां जैन धर्म से जुड़ी 2000 से अधिक दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें प्राचीन मूर्तियां, पांडुलिपियां और ऐतिहासिक धरोहर शामिल हैं। शाम को वाव-थराड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे और अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी शामिल हैं।

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