Political

नारायणपुर में तोते को उतारने के लिए फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल, हजारों लीटर पानी बर्बाद होने पर विवाद

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पालतू तोते को पेड़ से नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। तोता काफी ऊंचाई पर बैठा हुआ था और लंबे समय तक नीचे नहीं आ रहा था, जिसके बाद उसे उतारने के लिए पानी की तेज धार का इस्तेमाल किया गया। जानकारी के मुताबिक यह घटना ओबीसी बॉयज हॉस्टल के पास की है। फायर ब्रिगेड की टीम ने पाइप के जरिए लगातार पानी की बौछारें कीं, जिसके बाद काफी प्रयासों के बाद तोता नीचे आया। इस पूरी प्रक्रिया में हजारों लीटर पानी खर्च हो गया। बताया जा रहा है कि यह तोता किसी अधिकारी का था, हालांकि अभी तक उस अधिकारी की पहचान सामने नहीं आई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भीषण गर्मी और पानी की कमी के बीच इस तरह पानी के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवा का उपयोग आग और आपात स्थितियों के लिए होना चाहिए, न कि ऐसे कामों के लिए। सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल के तौर पर देख रहे हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है और अब इस पर कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।

नारायणपुर में तोते को उतारने के लिए फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल, हजारों लीटर पानी बर्बाद होने पर विवाद Read Post »

Chhattisgarh, Political, Top News, WATER SCARCITY

महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, साय सरकार बुलाएगी विशेष सत्रc

महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज हो गई है। विष्णुदेव साय की सरकार इस मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। यह सत्र इसी महीने आयोजित हो सकता है, जिसमें विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। रायपुर में आयोजित जनआक्रोश रैली के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका रवैया निराशाजनक रहा है। इस रैली का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किया गया था, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां सभा आयोजित हुई। विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया के तहत पहले राज्य कैबिनेट इसकी मंजूरी देती है, जिसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा जाता है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही विधानसभा सत्र आयोजित किया जाता है। महिला आरक्षण को लेकर भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जो 27 अप्रैल तक जारी रहेंगे। 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय ने कहा था कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विपक्ष के कारण पारित नहीं हो सका। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ पार्टियां “फूट डालो और राज करो” की नीति पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 57 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी 21-22 प्रतिशत है। वहीं, नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल आवश्यक बहुमत नहीं जुटा सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 352 वोटों की जरूरत थी। इस प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।

महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, साय सरकार बुलाएगी विशेष सत्रc Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

रायपुर में आज कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, बीजेपी की आक्रोश रैली के चलते असर

राजधानी रायपुर में आज भारतीय जनता पार्टी की आक्रोश रैली के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। रैली को देखते हुए शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष व्यवस्था की गई है। यह रैली महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन) बिल लोकसभा में पारित नहीं होने के विरोध में निकाली जा रही है। रैली की शुरुआत इंडोर स्टेडियम से होगी और यह गणेश मंदिर तिराहा, बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, महिला थाना चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंचेगी, जहां आमसभा का आयोजन किया जाएगा। अनुमान है कि इस रैली में प्रदेशभर से 15 से 20 हजार कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बूढ़ेश्वर चौक से गणेश मंदिर तिराहा होते हुए बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, श्याम टॉकीज से गणेश मंदिर तिराहा, सदानी चौक और सदर बाजार, महिला थाना चौक से सुभाष स्टेडियम, कोतवाली चौक से सुभाष स्टेडियम, बंजारी चौक से सुभाष स्टेडियम, कालीबाड़ी चौक से कोतवाली चौक और आकाशवाणी चौक से नलघर चौक तक के मार्गों पर यातायात का दबाव रहेगा और आंशिक रूप से रास्ते बंद रह सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं। बूढ़ेश्वर चौक से कैलाशपुरी ढाल, पुलिस लाइन गेट होते हुए नेहरू नगर की ओर जाने का मार्ग खुला रहेगा। इसी तरह कालीबाड़ी से महिला थाना चौक, काली माता तिराहा और अंबेडकर चौक मार्ग का उपयोग किया जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में जवान तैनात रहेंगे, लेकिन अनावश्यक रूप से इन मार्गों पर आने से बचना बेहतर होगा। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन प्रस्ताव के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी के तहत रायपुर में यह आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है। इस आयोजन को देखते हुए शहरवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

रायपुर में आज कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, बीजेपी की आक्रोश रैली के चलते असर Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, protest, Raipur, State, Top News

महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा

महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी आज से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में 20 अप्रैल को भाजपा महिला मोर्चा द्वारा जन आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 3 बजे बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंचेगी, जहां एक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक स्तर पर आंदोलन की तैयारी की है। भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के संसद में पारित नहीं होने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। छत्तीसगढ़ में भी इसी क्रम में चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अप्रैल को पदयात्रा के बाद 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन होंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और इसके खिलाफ जनजागरूकता जरूरी है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन प्रस्ताव आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए अधिक मतों की आवश्यकता थी, जिसके अभाव में प्रस्ताव गिर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी जताई और कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी बनी रहेगी।

महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर: 20 अप्रैल से स्कूलों की छुट्टियां, पहले 1 मई से होना था अवकाश

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी हैं। अब प्रदेश के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त, निजी और अन्य स्कूलों में 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। पहले जारी आदेश के अनुसार, स्कूलों में छुट्टियां 1 मई से शुरू होनी थीं, लेकिन मौजूदा तापमान और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि तेज गर्मी में बच्चों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह छुट्टियां केवल छात्रों के लिए लागू होंगी। शिक्षकों के लिए अवकाश की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन्हें पूर्व निर्धारित निर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा। सरकार ने यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया है, ताकि बढ़ती गर्मी से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर: 20 अप्रैल से स्कूलों की छुट्टियां, पहले 1 मई से होना था अवकाश Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Political, State, Top News, weather

बिलासपुर में ASI पर गंभीर आरोप: केस की जानकारी मांगने पर पीड़ित को जड़े थप्पड़, सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रतनपुर थाने में अपने केस की जानकारी लेने पहुंचे एक व्यक्ति के साथ एएसआई ने कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि एएसआई दिनेश तिवारी ने गुस्से में आकर पीड़ित को 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए, जिससे उसका कान सुन्न हो गया। पीड़ित विनोद जायसवाल के मुताबिक, जब उन्होंने अपने पुराने केस की स्थिति और जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को लेकर जानकारी मांगी, तो एएसआई भड़क गया। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया गया कि उसकी “नेतागिरी” निकाल दी जाएगी और जेल भेज दिया जाएगा। घटना के समय थाने में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के बदले पैसे की मांग की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसआई दिनेश तिवारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही पीड़ित की शिकायत के आधार पर उसी थाने में एएसआई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। यह घटना 12 अप्रैल की बताई जा रही है, जब बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल दोपहर में थाने पहुंचे थे। बाद में उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। घटना के बाद पीड़ित को सुनने में परेशानी और सिरदर्द की शिकायत है। पुलिस ने मेडिकल जांच के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पहले कोयला कारोबार से जुड़ा रहा है और स्थानीय राजनीतिक हलकों में सक्रिय रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

बिलासपुर में ASI पर गंभीर आरोप: केस की जानकारी मांगने पर पीड़ित को जड़े थप्पड़, सस्पेंड Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, GOVERNMENT, Political, State, Top News, violence

प्रदेश में खरीफ सीजन से फार्मर आईडी अनिवार्य: बिना आईडी नहीं मिलेगा यूरिया और अन्य खाद

प्रदेश में आने वाले खरीफ सीजन से खाद वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यूरिया, पोटाश और डीएपी जैसे खाद केवल उन्हीं किसानों को मिलेंगे, जिनके पास फार्मर आईडी होगी। नई व्यवस्था के तहत Urea Fertilizer सहित सभी प्रमुख खाद समितियों से केवल फार्मर आईडी दिखाने पर ही उपलब्ध होंगे। जिन किसानों के पास आईडी नहीं होगी, उन्हें खाद नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, निजी दुकानों से खाद खरीदने पर भी किसान की जानकारी जैसे नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली का उद्देश्य खाद वितरण में पारदर्शिता लाना और अनियमितता तथा कालाबाजारी को रोकना है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में खाद की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए यह व्यवस्था पहले से लागू की जा रही है ताकि वास्तविक किसानों तक समय पर खाद पहुंच सके। यदि किसान फार्मर आईडी नहीं बनवाते हैं, तो उन्हें न केवल खाद बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित होना पड़ सकता है। प्रदेश में इस समय बड़ी संख्या में किसान अभी भी एग्री-टेक रजिस्ट्रेशन से नहीं जुड़े हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। यह नियम 2026-27 के खरीफ सीजन से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

प्रदेश में खरीफ सीजन से फार्मर आईडी अनिवार्य: बिना आईडी नहीं मिलेगा यूरिया और अन्य खाद Read Post »

AGRICULTURE, Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, State, Top News

सीबीएसई का बड़ा कदम: कक्षा 3 से 8 तक AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोर्स शुरू

Central Board of Secondary Education ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (CT&AI) नाम से नया कोर्स शुरू किया है। इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के छात्रों को एआई के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना है। नए सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में चल रहे पुराने एआई कोर्स को बंद कर दिया जाएगा। वहीं 9वीं से 12वीं तक के लिए National Council of Educational Research and Training विशेष मॉड्यूल तैयार कर रहा है। सीबीएसई के अनुसार, यह नया कोर्स छात्रों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा। इसके लिए बनाई गई रिसोर्स बुक्स एनसीईआरटी की गणित की किताबों के साथ जुड़ी होंगी। गणित के हर अध्याय के साथ संबंधित एआई और कंप्यूटेशनल गतिविधियां कराई जाएंगी, जिससे छात्रों को अवधारणाएं बेहतर तरीके से समझ आएंगी। इस पाठ्यक्रम में रटने की बजाय समझ और सोच पर जोर दिया जाएगा। इसमें ऐसे प्रश्न और गतिविधियां शामिल होंगी, जो छात्रों की तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करेंगी। सीबीएसई ने छात्रों और शिक्षकों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर हैंडबुक्स भी जारी कर दी हैं और स्कूलों को इन्हें लागू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब पारंपरिक पढ़ाने के बजाय ‘फैसिलिटेटर’ की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे छात्रों को सीधे जवाब देने के बजाय उन्हें खुद सोचने और सीखने के लिए प्रेरित करें। कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार किए जा रहे एनसीईआरटी मॉड्यूल 2026-27 सत्र से इंटरनल असेसमेंट का हिस्सा होंगे। हालांकि वर्तमान में 10वीं के छात्र पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार ही अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। इस नए कोर्स में साइबर सिक्योरिटी, बेसिक नेटवर्किंग, डेटा आधारित निर्णय, और एआई के नैतिक पहलुओं जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए गेमिंग, वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।

सीबीएसई का बड़ा कदम: कक्षा 3 से 8 तक AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोर्स शुरू Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, national, Political, State, Tech, Top News

साय कैबिनेट बैठक आज: बस्तर रोडमैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर बड़े फैसलों की तैयारी

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में आज 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी, जहां विभिन्न विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जरूरत के अनुसार नई नीतियों और प्रस्तावों को मंजूरी भी दी जा सकती है। बैठक में बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर विशेष फोकस रहेगा। “बस्तर रोडमैप 2.0” के तहत सरकार नई कार्ययोजना पर विचार करेगी, जिसमें पुराने प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के साथ-साथ नए विकास प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बस्तर में सड़क, कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। खासतौर पर दूरस्थ इलाकों को जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नई सड़कों और पुलों के निर्माण पर चर्चा संभव है। साथ ही बिजली, पानी और संचार सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रोजेक्ट भी एजेंडे में शामिल रहेंगे। रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, छोटे उद्योगों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से अवसर बढ़ाने पर विचार कर सकती है। लक्ष्य यह रहेगा कि बस्तर के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके। इसके अलावा, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए माइनिंग, वन उत्पाद और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होने की संभावना है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई नीतियों पर भी विचार किया जा सकता है। कैबिनेट बैठक में निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने, जमीन आवंटन प्रक्रिया को सरल करने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज करने जैसे कदम उठा सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की जाएगी, जिसके आधार पर योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी तय है। दोपहर 1:30 बजे वे 515 पैक्स (नवीन सोसायटी) का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वे करीब 3:15 बजे रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम में शामिल होंगे।

साय कैबिनेट बैठक आज: बस्तर रोडमैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर बड़े फैसलों की तैयारी Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

बिलासपुर निगम का 1300 करोड़ बजट, लेकिन जमीनी विकास अधूरा: 8 साल से घोषणाएं दोहराई जा रहीं

बिलासपुर नगर निगम का बजट पिछले आठ वर्षों में लगातार बढ़ते हुए 1300 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, लेकिन इसके बावजूद शहर में कई अहम विकास कार्य अब तक अधूरे हैं। वर्ष 2018-19 में निगम का बजट 776 करोड़ था, जो धीरे-धीरे बढ़कर वर्तमान स्तर तक पहुंच गया, मगर योजनाएं अब भी फाइलों में अटकी हुई हैं। हर साल नए वादे और घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन पुराने प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पाते। कई योजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें हर बजट में दोहराया जाता है, फिर भी उनका काम शुरू नहीं हो पाता या अधूरा रह जाता है। नगरोत्थान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अधिकांश कार्य अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। जिन 17 ग्राम पंचायतों को निगम में शामिल किया गया, वहां आज भी बिजली, पानी, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। पिछले वर्षों में घोषित कई प्रमुख प्रोजेक्ट जैसे अशोक नगर से बिरकोना रोड चौड़ीकरण, अरपा इंदिरा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण और बाहरी क्षेत्रों के विकास कार्य अब तक अधूरे हैं। अमेरी में 50 एकड़ जमीन पर स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना फंड की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाई। महिलाओं के लिए 750 सीटों वाला प्रशिक्षण केंद्र भी अभी तक शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा 2 करोड़ रुपये की लागत से बने अर्बन कॉटेज और सर्विस इंडस्ट्रीज पार्क का भी सही उपयोग नहीं हो पाया है। इस बार के बजट में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। छात्रों के लिए फ्री वाई-फाई सुविधा शुरू करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने की योजना बनाई गई है। छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा मिले। खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मंगला क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण हेतु जमीन देने पर सहमति बनी है। महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर जोन में पिंक टॉयलेट और पिंक गार्डन विकसित करने की योजना शामिल की गई है। साथ ही शहर को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट वेंडिंग जोन और फूड स्ट्रीट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे छोटे व्यापारियों और युवाओं को नए अवसर मिल सकें। बजट को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच भी मतभेद सामने आए हैं। सभापति विनोद सोनी का कहना है कि इस बजट से शहर के विकास को गति मिलेगी और अधूरे कार्य पूरे किए जाएंगे। वहीं विपक्ष की पार्षद शहजादी कुरैशी ने आरोप लगाया कि बजट में केवल राशि बढ़ाकर पुराने प्रस्तावों को दोबारा पेश किया गया है, लेकिन जमीन पर कोई खास काम नहीं दिख रहा। मेयर पूजा विधानी का कहना है कि बजट का उद्देश्य शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सड़कों का डामरीकरण, डिवाइडर का सौंदर्यीकरण, पिंक टॉयलेट और पिंक गार्डन जैसी योजनाएं इसी दिशा में हैं। साथ ही निगम में शामिल गांवों के विकास के लिए प्रत्येक को 5-5 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है, ताकि जलभराव, नाली और अन्य समस्याओं का समाधान किया जा सके।

बिलासपुर निगम का 1300 करोड़ बजट, लेकिन जमीनी विकास अधूरा: 8 साल से घोषणाएं दोहराई जा रहीं Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, State, Top News
Scroll to Top