Chhattisgarh

शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, 4 घंटे तक कूदने की धमकी… नीचे उतरते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक युवक ने पसंद की लड़की से शादी कराने की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। वह मंगलवार सुबह लुंड्रा क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और करीब 40 फीट की ऊंचाई पर बैठकर कूदने की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा रहा। करीब चार घंटे तक चले इस ड्रामे के दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। जिस युवती से शादी की मांग की जा रही थी, उसने साफ तौर पर इनकार कर दिया और युवक पर बेवजह परेशान करने व छेड़छाड़ का आरोप लगाया। युवती ने इस संबंध में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि युवक पहले भी परिवार के सामने उसी युवती से शादी की बात रख चुका था, लेकिन लड़की ने किसी भी तरह के प्रेम संबंध से इंकार कर दिया था। इसी नाराजगी में युवक टावर पर चढ़ गया। करीब चार घंटे बाद परिजनों ने उसे किसी तरह नीचे उतरने के लिए राजी किया। हालांकि जमीन पर आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। यह घटना लुंड्रा थाना क्षेत्र में थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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गैस की किल्लत से बढ़ी लकड़ी पर निर्भरता, होटल-आश्रमों में जल रहे चूल्हे; रोज 100 क्विंटल खपत

दंतेवाड़ा जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी अब पर्यावरण के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट, आश्रम-छात्रावास और पोटाकेबिनों में फिर से लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इससे जहां कारोबार प्रभावित हो रहा है, वहीं जंगलों पर दबाव बढ़ने के साथ अवैध कटाई भी तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार पिछले करीब 20 दिनों से जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग बंद है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल व्यवसाय पर पड़ा है। कई छोटे होटल बंद हो चुके हैं, जबकि कुछ संचालक मजबूरी में लकड़ी जलाकर भोजन बना रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि गैस उपलब्ध नहीं है और जो मिल रही है वह महंगी है, इसलिए 4 से 5 हजार रुपये में मिलने वाली एक ट्रैक्टर लकड़ी उनके लिए सस्ता विकल्प बन गई है। जंगलों पर बढ़ा दबाव इस स्थिति का फायदा उठाकर जंगलों में अवैध कटाई बढ़ रही है। कुआकोंडा और कटेकल्याण क्षेत्रों में खुलेआम लकड़ी काटकर लाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगरानी कमजोर होने के कारण यह गतिविधियां बिना रोक-टोक जारी हैं। संस्थानों में भी लकड़ी का उपयोग बढ़ा आश्रम, छात्रावास, जेल और अस्पतालों में घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग की अनुमति होने के बावजूद लकड़ी पर निर्भरता बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। इससे पर्यावरण को नुकसान होने के साथ नियमों की अनदेखी भी हो रही है। वन विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आश्रम-छात्रावासों में सबसे ज्यादा असर जिले में लगभग 128 आश्रम-छात्रावास और 17 पोटाकेबिन संचालित हैं, जहां 20 हजार से अधिक छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। पहले यहां गैस और लकड़ी दोनों का उपयोग होता था, लेकिन अब पूरी तरह लकड़ी पर निर्भरता बढ़ गई है। कई संस्थानों में गैस सिलेंडरों का स्टॉक खत्म हो चुका है। स्थिति यह है कि प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में औसतन 100 क्विंटल तक लकड़ी जमा की गई है और रोजाना करीब 100 क्विंटल लकड़ी की खपत हो रही है। यह लकड़ी अधिकृत डिपो से नहीं, बल्कि जंगलों से अवैध रूप से लाई जा रही बताई जा रही है। तत्काल समाधान की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से व्यावसायिक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और जंगलों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वन क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है और पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।

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म्यूनिसिपल स्कूल मैदान बना कचरा घर, घास खत्म; खिलाड़ियों को हो रही परेशानी

राजनांदगांव शहर के म्यूनिसिपल स्कूल मैदान की हालत लगातार खराब होती जा रही है। मैदान में जगह-जगह कचरा फैल गया है, जिससे न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैदान से लगे गांधी सभा गृह के पास लोग कचरा फेंक रहे हैं। इस कचरे में प्लास्टिक, पन्नी और कपड़े शामिल हैं, जिन्हें आवारा कुत्ते खींचकर मैदान तक ले आते हैं। परिणामस्वरूप पूरे मैदान में गंदगी फैल गई है। गांधी सभा गृह की ओर से मैदान में प्रवेश करने वाले रास्ते पर बड़ी मात्रा में पुराने कपड़े और कचरा बिखरा पड़ा है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण स्थिति और बदतर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान में घास भी लगभग खत्म हो चुकी है और नियमित सफाई नहीं होने से यहां खेलना मुश्किल हो गया है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द सफाई अभियान चलाकर मैदान को उपयोग योग्य बनाने की मांग की है। स्थानीय निवासी आशिष यादव ने बताया कि यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो मैदान पूरी तरह बेकार हो सकता है और बच्चों व खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचेगा।

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औद्योगिक गैस संकट से उत्पादन आधा, 10 हजार मजदूरों के रोजगार पर खतरा

पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर अब जिले के उद्योगों पर दिखाई देने लगा है। औद्योगिक उपयोग की कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने से कई छोटे और मध्यम उद्योगों का उत्पादन 50 से 70 प्रतिशत तक घट गया है। हालत यह है कि कई फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं और हजारों श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि यदि जल्द गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो बड़ी संख्या में इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। फोर्जिंग और इंजीनियरिंग उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित 5 मार्च के बाद से कमर्शियल गैस की आपूर्ति में कमी का सबसे ज्यादा असर फोर्जिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर पर पड़ा है। फोर्जिंग से जुड़े लगभग 40 कारखानों में मशीनें पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं, जबकि कई जगह उत्पादन रोकना पड़ा है। गैस की कमी के कारण ऑक्सीजन उत्पादन भी करीब 75 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है, जिससे लगभग 400 छोटे और मध्यम उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है। भिलाई औद्योगिक क्षेत्र में करीब 50 फैब्रिकेशन, 150 इंजीनियरिंग और 200 केमिकल इकाइयां संचालित हैं। इनमें फैब्रिकेशन उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। बड़े कारखानों में रोजाना 150 से 200 औद्योगिक सिलेंडर की खपत होती है, जबकि छोटे यूनिट्स में भी 50 सिलेंडर तक की जरूरत पड़ती है। मजदूरों को जबरन छुट्टी, पलायन का खतरा उत्पादन घटने से लगभग 10 हजार श्रमिकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। कई फैक्ट्रियों में काम कम होने के कारण शिफ्ट घटा दी गई है, जबकि कुछ जगह मजदूरों को बिना काम के छुट्टी पर भेजा जा रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि स्थिति नहीं सुधरी तो बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती है, जिसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। सिलेंडर की कीमत दोगुनी गैस की कमी का फायदा उठाकर कुछ स्थानों पर औद्योगिक सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। 19 किलो का सिलेंडर, जो पहले लगभग 1850 रुपये में मिलता था, अब 3800 रुपये तक पहुंच गया है। इससे उत्पादन लागत बढ़ गई है और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। महंगा और सीमित विकल्प एलपीजी की कमी के बीच डिजॉल्व एसिटिलीन गैस को विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन यह एलपीजी से 8 से 10 प्रतिशत महंगी है और इसकी उपलब्धता भी सीमित है। रायपुर में केवल एक-दो इकाइयों में इसका उत्पादन होने से पर्याप्त आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। जल्द समाधान की मांग एमएसएमई जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष केके झा ने कहा कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई तो कई उद्योग बंद हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से त्वरित निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि उद्योगों को बचाने के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। साथ ही उद्यमियों से संयम बनाए रखने की अपील भी की गई है।

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भिलाई में तेज रफ्तार बाइक पेड़ से टकराई, दो किशोर गंभीर; CISF जवान का बेटा भी घायल

भिलाई में मंगलवार सुबह तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक हादसे का शिकार हो गई, जिसमें दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना टाउनशिप के सेक्टर-4 स्थित सेंट्रल एवेन्यू रोड पर सुबह लगभग 7:15 बजे हुई। मामला भट्टी थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि तेज गति से चल रही बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पहुंचाई अस्पताल हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। CISF जवान का बेटा चला रहा था बाइक पुलिस के मुताबिक बाइक चला रहा किशोर सेक्टर-3 का रहने वाला है और 10वीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कार्यरत हैं। बाइक पर पीछे बैठा उसका मित्र रिसाली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घायल किशोरों की पहचान दिव्या कुमार और अक्षत चंद्राकर के रूप में हुई है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह पुलिस अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना के समय बाइक काफी तेज गति में थी। संतुलन बिगड़ने के बाद बाइक सीधे पेड़ से टकरा गई। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की मदद की। पुलिस कर रही जांच भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि हादसे में शामिल KTM स्पोर्ट्स बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। दोनों किशोरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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नेहरू नगर में सिलेंडर ब्लास्ट, देर रात धमाके से घर तबाह; 20 लाख का नुकसान, परिवार सुरक्षित

बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित अर्चना विहार में देर रात गैस सिलेंडर फटने से एक घर को भारी नुकसान पहुंचा। धमाका इतना तेज था कि मकान की दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां तक टूट गईं। हादसे में करीब 18 से 20 लाख रुपये के सामान के नष्ट होने का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। घटना रात लगभग 3 बजे की बताई जा रही है। प्रभावित परिवार के सदस्य अंकुर कुमार चौबे के अनुसार धमाके के बाद पूरे घर में धुआं और मलबा फैल गया। टीवी, फ्रिज सहित घर का अधिकांश सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शादी के लिए रखा गया सामान भी बर्बाद हो गया। माता-पिता घर में थे, सुरक्षित बाहर निकले अंकुर चौबे ने बताया कि उनके माता-पिता उस समय घर में मौजूद थे। धमाके के बाद वे किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे और सुरक्षित बच गए। अंकुर जब देर रात अपनी ड्यूटी से लौटे, तब उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली। जिस कमरे में सिलेंडर रखा था, वहीं विस्फोट हुआ और मौके पर फटा हुआ सिलेंडर भी मिला। शहर में दूसरी बड़ी घटना बताया जा रहा है कि हाल के समय में शहर में सिलेंडर फटने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले हुए एक ब्लास्ट में एक महिला की जान चली गई थी। दोनों मामलों में विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। ब्लास्ट की वजह अब तक स्पष्ट नहीं सिलेंडर फटने के पीछे क्या कारण था, इसकी जांच की जा रही है। यह सवाल बना हुआ है कि सिलेंडर में किस प्रकार की खराबी थी, जिसके कारण इतना बड़ा धमाका हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।

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13 करोड़ की पार्किंग में ऑटो डीलिंग का आरोप, एमआईसी में हंगामा; जांच के आदेश

बिलासपुर में कलेक्टोरेट परिसर की मल्टीलेवल पार्किंग के कथित दुरुपयोग का मामला मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की बजट बैठक में जोरदार तरीके से उठा। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने आरोप लगाया कि पार्किंग का उपयोग वाहनों की पार्किंग के बजाय बाइक बेचने के लिए किया जा रहा है, जिस पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई। यह पार्किंग स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाई गई है, जिसका उद्देश्य शहर में व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। आरोप है कि ठेकेदार इस स्थान का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। तीन दिन में मांगा गया जवाब मामले को गंभीर मानते हुए स्मार्ट सिटी प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सदस्यों ने कहा कि कलेक्टोरेट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह का दुरुपयोग चिंताजनक है और अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। मेयर ने दिए कार्रवाई के निर्देश मेयर पूजा विधानी ने स्पष्ट कहा कि पार्किंग आम लोगों के वाहनों के लिए बनाई गई है और इसका उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ठेका रद्द करने की चेतावनी अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि यदि ठेकेदार अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पार्किंग का अन्य कार्यों के लिए उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ठेका भी निरस्त किया जा सकता है। खबर सामने आते ही जारी हुआ नोटिस करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी फंड से बनी इस पार्किंग का मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रबंधन सक्रिय हुआ और ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया। निगम आयुक्त का बयान नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि पार्किंग का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने पार्किंग शुल्क से पर्याप्त आय नहीं होने की शिकायत की है। अब दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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बैग चोरी के शक में बाजार में बवाल, महिलाओं ने बाल पकड़कर घसीटा; मारपीट का VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार बाजार के दौरान बैग चोरी के शक में दुकानदार और ग्राहकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी एक-दूसरे पर हाथापाई की और बाल पकड़कर सड़क पर घसीटती नजर आईं। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के रिवर व्यू रोड पर लगने वाले संडे मार्केट का है। यहां राजीव गांधी चौक निवासी नरेंद्र तेंदुलकर बैग की दुकान लगाते हैं। रविवार शाम करीब 7 बजे चंद्रकुमार अपनी पत्नी के साथ खरीदारी करने वहां पहुंचा। बैग चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद दुकानदार की पत्नी को संदेह हुआ कि चंद्रकुमार के साथ आई महिला ने चुपके से एक बैग अपने थैले में रख लिया है। जब उसने इस बारे में पूछताछ की तो महिला ने आरोप से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। मुक्का लगते ही बढ़ा झगड़ा बहस के दौरान चंद्रकुमार ने दुकानदार के चेहरे पर मुक्का मार दिया, जिससे मामला और भड़क गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे और बाजार में अफरा-तफरी मच गई। महिलाओं के बीच भी जमकर हाथापाई विवाद बढ़ने पर दोनों परिवारों की महिलाएं भी भिड़ गईं। उन्होंने एक-दूसरे को बाल पकड़कर घसीटा, जमीन पर गिराया और कपड़े तक फाड़ दिए। बीच सड़क हुई इस मारपीट से आसपास मौजूद लोग सहम गए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मामूली आरोप से शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला वीडियो वायरल होने के बाद दुकानदार नरेंद्र तेंदुलकर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी चंद्रकुमार के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

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7 साल बाद रायपुर-जयपुर हवाई सेवा शुरू, किराया 6 से 9 हजार; कनेक्टिंग फ्लाइट से होगा सफर

करीब सात वर्षों के इंतजार के बाद रायपुर से जयपुर जाने के लिए हवाई यात्रा फिर से संभव हो गई है। इसके लिए 72 सीटों वाले एटीआर विमान के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट सेवा शुरू की गई है। इस यात्रा के लिए यात्रियों को लगभग 6000 से 9000 रुपये तक किराया देना होगा। एयरलाइन ने रायपुर से हैदराबाद और वहां से जयपुर तक उड़ान शुरू की है। पहले रायपुर-भोपाल-जयपुर रूट पर फ्लाइट संचालित होती थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे बंद कर दिया गया था। अब नए रूट से यात्रियों को दो चरणों में यात्रा करनी होगी, क्योंकि रायपुर से जयपुर के लिए फिलहाल सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है। रायपुर से हैदराबाद होते हुए जयपुर पहुंचेंगे यात्री रायपुर से सुबह 9 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट लगभग 10:50 बजे हैदराबाद पहुंचेगी। इसके बाद यात्रियों को हैदराबाद से जयपुर जाने वाली दूसरी फ्लाइट मिलेगी, जो सुबह 11:50 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:45 बजे जयपुर पहुंच जाएगी। दोनों उड़ानों के बीच पर्याप्त समय होने से यात्रियों को ट्रांजिट में परेशानी नहीं होगी। जयपुर से मुंबई तक भी मिलेगा कनेक्शन एयरलाइन की ओर से जयपुर से मुंबई के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध कराई गई है। जयपुर से दोपहर 3:55 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट शाम 5:40 बजे मुंबई पहुंचेगी। इसके बाद वही विमान रात 7:50 बजे मुंबई से रवाना होकर रात 9:30 बजे रायपुर लौटेगा। टिकट बुकिंग शुरू ट्रैवल्स एसोसिएशन के अनुसार इन सभी उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। तीनों सेक्टर में एटीआर यानी 72 सीटर विमान का संचालन किया जा रहा है। इससे रायपुर से हैदराबाद, जयपुर और मुंबई तक की यात्रा पहले के मुकाबले अधिक आसान हो जाएगी। उड़ानों का समय • रायपुर → हैदराबाद : सुबह 9:00 से 10:50• हैदराबाद → जयपुर : सुबह 11:50 से दोपहर 1:45• जयपुर → मुंबई : दोपहर 3:55 से शाम 5:40• मुंबई → रायपुर : रात 7:50 से 9:30

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19 संदिग्ध कनेक्शन चिन्हित, जल बोर्ड की सिफारिश: मेन राइजिंग लाइन से जोड़ हटेंगे तो सुधरेगी पानी की सप्लाई

गर्मी शुरू होते ही शहर में जल संकट गहराने लगता है। जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनवरी में एमआईसी द्वारा गठित जल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए हैं। इसमें बड़े मुद्दों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भी विस्तार से सिफारिशें की गई हैं। रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु मुख्य राइजिंग लाइन से जुड़े कनेक्शनों को हटाने या वॉल्व लगाकर पानी की आपूर्ति सीमित करने से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पानी का समान वितरण संभव होगा और पाइपलाइन में होने वाली लीकेज की समस्या भी कम होगी। मेन राइजिंग लाइन वह मुख्य पाइपलाइन होती है जो फिल्टर प्लांट से पानी को टंकियों तक पहुंचाती है और इसमें तेज दबाव से पानी बहता है। इस लाइन से सीधे कनेक्शन लेने पर कुछ स्थानों पर लगातार तेज दबाव से पानी मिलता रहता है, जबकि अन्य इलाकों में सप्लाई प्रभावित होती है। ऐसे लगभग 19 कनेक्शनों की पहचान की गई है। जमीनी अमल के बिना बेअसर रहेंगे सुझाव जल बोर्ड का कहना है कि रिपोर्ट तभी कारगर होगी जब इसे सही तरीके से लागू किया जाए और कार्यों की नियमित निगरानी हो। यदि ये कदम पहले उठाए जाते तो गर्मी से पहले ही स्थिति में सुधार देखा जा सकता था। इन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी मोवा, दलदल सिवनी, सड्डू और चंगोराभाठा सहित शहर के बाहरी इलाकों में पानी की समस्या अधिक है। यहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे गर्मी के महीनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। बड़े कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान पर काम शुरू हो चुका है, जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का दावा है कि गर्मी तक राहत देने की कोशिश की जा रही है। विभाग का पक्ष नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के अनुसार विभाग को इन कनेक्शनों की जानकारी है और इन्हें पूरी तरह अवैध नहीं माना जा सकता, क्योंकि जरूरत के हिसाब से समय-समय पर दिए गए थे। हालांकि अब इन पर वॉल्व लगाकर पानी की मात्रा नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 24 घंटे होने वाली सप्लाई को संतुलित किया जा सके। अन्य सुझावों पर भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सुझाव और संभावित लाभ • मुख्य राइजिंग लाइन से जुड़े कनेक्शन हटाना या सीमित करनालाभ: पानी का दबाव संतुलित होगा और समान वितरण संभव होगा • दोहरी पाइपलाइन वाले कनेक्शन समाप्त करनालाभ: नई लाइन से सप्लाई होने पर पुरानी लाइन बंद करने से अंतिम छोर तक पानी सही दबाव से पहुंचेगा • पाइपलाइन की मैपिंग करानालाभ: भविष्य में नई कॉलोनियों को जोड़ते समय भ्रम और तकनीकी समस्याएं नहीं होंगी • टंकियों के वॉल्व सप्लाई के बाद पूरी तरह बंद करनालाभ: पानी की बर्बादी रुकेगी और टंकियां समय पर दोबारा भरी जा सकेंगी

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